प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल ऑफिस ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित देश के 16 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। ईडी की यह कार्रवाई कथित तौर पर टेरर फंडिंग और अवैध घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े ‘प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA), 2002 के तहत की गई है। इस मामले में आरोप है कि एक सुनियोजित और संगठित सिंडिकेट रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ कराता था। इतना ही नहीं, इस सिंडिकेट ने एफसीआरए (FCRA) चैनलों का दुरुपयोग कर भारी मात्रा में विदेशी फंड भी हासिल किया था।
यूपी एटीएस (UP ATS) की एफआईआर से शुरू हुई जांच
पीएमएलए के तहत ईडी की यह जांच उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (UP ATS) द्वारा दर्ज एफआईआर नंबर 12/2023 (दिनांक 11.10.2023) के आधार पर शुरू हुई है। यह एफआईआर भारतीय दंड संहिता (IPC), फॉरेनर्स एक्ट और पासपोर्ट एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत एक संगठित सिंडिकेट के ख़िलाफ़ दर्ज की गई थी। इस सिंडिकेट पर मुख्य आरोप है कि वह रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ कराने में मदद करने के साथ-साथ, उनके लिए जाली भारतीय पहचान दस्तावेज़ों (जैसे नकली पहचान पत्र, पैन कार्ड और पासपोर्ट) का इंतज़ाम करता था और बाद में उन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध रूप से बसा देता था।
चैरिटेबल ट्रस्टों के जरिए विदेशी फंडिंग का खेल
ईडी की अब तक की जांच से यह साफ हुआ है कि एक बेहद जटिल वित्तीय और आपराधिक नेटवर्क काम कर रहा था। यह नेटवर्क जाली दस्तावेज़ बनाने, मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग), घुसपैठियों को गैर-कानूनी तरीके से देश में स्थापित करने और धोखाधड़ी से बेनामी बैंक खाते चलाने जैसे राष्ट्रविरोधी कामों में सक्रिय था।
जांच में कुछ ऐसे चैरिटेबल ट्रस्ट और संस्थाओं की संदिग्ध भूमिका का भी पता चला है, जिन पर विदेशी चंदा लेने और इन गैर-कानूनी गतिविधियों को वित्तीय मदद पहुंचाने का आरोप है। इन संदिग्ध संस्थाओं ने एफसीआरए चैनलों के ज़रिए जो भारी विदेशी फंड हासिल किया था, उसे ‘म्यूल’ बैंक खातों (दूसरों के नाम पर खुले खाते) और नकद निकासी के ज़रिए अलग-अलग जगहों पर भेजा। भारत में घुसपैठियों को बसाने के लिए कई बैंक खातों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया और बहुत से लोगों को छोटे-छोटे हिस्सों में पैसे ट्रांसफर किए गए।
40 लाख नकद और 180 ग्राम सोना ज़ब्त
गुरुवार को दिनभर चले इस व्यापक तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ईडी ने मौके से जांच से जुड़े कई बेहद अहम और संवेदनशील दस्तावेज़, डिजिटल डिवाइस, बैंक रिकॉर्ड और अन्य पुख्ता सबूत बरामद किए हैं। इसके अलावा, छापेमारी के दौरान संदिग्ध ठिकानों से लगभग 40 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी और करीब 180 ग्राम सोना भी ज़ब्त किया गया है। ईडी के अधिकारी अब बरामद डिजिटल डेटा और बैंक रिकॉर्ड्स को खंगालने में जुटे हैं ताकि इस पूरे सिंडिकेट के आकाओं का पर्दाफाश किया जा सके।

