वलसाड (गुजरात): गुजरात के वलसाड जिले में रिकॉर्ड तोड़ बारिश और बाढ़ के बाद अब जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू हो गया है। शुक्रवार को राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी वलसाड पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत एवं पुनर्वास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देशों का हवाला देते हुए सभी विभागों को बिना किसी देरी के तेजी से काम करने को कहा है, ताकि प्रभावित लोगों की मुश्किलें जल्द दूर हो सकें।
इस मानसून सीजन में वलसाड सबसे अधिक प्रभावित जिलों में रहा है, जहाँ अकेले उमरगाम में 24 घंटे के भीतर 1064 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जिससे इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे।
12,376 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि शुक्रवार शाम तक चले व्यापक बचाव अभियान के दौरान कुल 12,376 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्होंने वलसाड के कलेक्टर नितिन सांगवान और पूरी प्रशासनिक टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इतनी भारी आपदा के बावजूद किसी भी बड़ी जनहानि से बचना प्रशासन की एक बड़ी सफलता है।
युद्ध स्तर पर सफाई और बुनियादी ढांचे की बहाली
पानी उतरते ही सरकार ने राहत कार्यों को गति देने के लिए पुख्ता कदम उठाए हैं:
- सफाई अभियान: शहरों में अपार्टमेंट्स के बेसमेंट और पार्किंग से पानी निकालने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाया गया है। इसके अलावा, मलबे और गंदगी को हटाने के लिए प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र में एक जेसीबी और तीन ट्रक तैनात किए गए हैं।
- बिजली और सड़कें: उपमुख्यमंत्री ने टूटे हुए बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मर्स और लाइनों की तुरंत मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम भी तेजी से शुरू कर दिया गया है।
बीमा कंपनियों और वित्तीय सहायता के निर्देश
बाढ़ पीड़ितों को जल्द राहत पहुंचाने के लिए नुकसान का सर्वे युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है:
- सरकार प्रभावित परिवारों को जल्द ही ‘कैश डोल’ और अन्य वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी में है।
- हर्ष संघवी ने बीमा कंपनियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे अपने सर्वेयरों की संख्या बढ़ाएं, ताकि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन जल्द पूरा हो सके और लोगों के बीमा दावों का समय पर और तेजी से निपटारा किया जा सके।

