क्राइम ब्रांच ने नडिसार गांव से तीन नाबालिगों को कराया रेस्क्यू, ठेकेदार और पशुपालक पुलिस गिरफ्त में
अहमदाबाद: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने पंचमहल जिले के नडिसार गांव में एक सफल अभियान चलाकर तीन नाबालिग लड़कों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया है। बचाए गए बच्चों में एक ऐसा किशोर भी शामिल है, जिसे वर्ष 2022 में अहमदाबाद से अगवा किया गया था। जांच में सामने आया है कि आरोपी ठेकेदार ने किशोर को महज 10 हजार रुपये में एक पशुपालक को बेच दिया था, जहां उससे मवेशी चराने और घरेलू काम कराए जा रहे थे। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मजदूर ठेकेदार और पशुपालक दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
2022 में हेबतपुर से हुआ था अपहरण
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2022 में शहर के हेबतपुर इलाके से 14 वर्षीय बालक अचानक लापता हो गया था। रात के समय अकेले पाकर मजदूर ठेकेदार दिनेश ओड ने उसका अपहरण कर लिया था। घटना के बाद पीड़ित बालक की मां ने सोला थाने में गुमशुदगी और अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
10 हजार रुपये में बेचकर कराई जा रही थी मजदूरी
आरोपी दिनेश ओड नाबालिग को अगवा कर पंचमहल जिले के नडिसार गांव ले गया। वहां उसने स्थानीय पशुपालक भरत भारवाड़ को किशोर मात्र 10 हजार रुपये में सौंप दिया। तब से आरोपी भारवाड़ उस लड़के से जबरन मवेशी पालन और घर का काम करवा रहा था।
दो अन्य नाबालिग भी कराए गए मुक्त
क्राइम ब्रांच की टीम ने जब नडिसार गांव में दबिश दी, तो वहां अगवा किए गए किशोर के साथ-साथ दो अन्य नाबालिग लड़के भी मजदूरी करते पाए गए। इन दोनों लड़कों की उम्र 16 और 17 वर्ष है। पुलिस ने तीनों बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति को सूचित किया है। पुलिस ने ठेकेदार दिनेश ओड और भरत भारवाड़ को हिरासत में लेकर बाल श्रम और मानव तस्करी की संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

