नई दिल्ली: आगामी त्योहारी सीजन से पहले केंद्र सरकार ने देश भर में चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने और बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। इसके तहत 1 से 14 अगस्त तक देश की सभी चीनी मिलों में मौजूद चीनी के वास्तविक (भौतिक) स्टॉक का गहन सत्यापन कराया जाएगा।
सरकार का मुख्य उद्देश्य त्योहारी सीजन के दौरान जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना तथा चीनी के दामों में किसी भी संभावित उछाल को रोकना है।
केंद्र और राज्य की संयुक्त टीमें करेंगी जांच
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अधीन ‘चीनी एवं वनस्पति तेल निदेशालय’ ने सभी चीनी मिलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- जांच प्रक्रिया: केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों की संयुक्त टीम सीधे चीनी मिलों का दौरा कर वास्तविक चीनी स्टॉक का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करेगी।
- सत्यापन का आधार: जून 2026 के पी-2 (P-2) स्टॉक रिटर्न को आधार माना जाएगा, जिसके बाद जुलाई 2026 में हुई वास्तविक बिक्री और डिस्पैच का मिलान उपलब्ध स्टॉक से किया जाएगा।
गड़बड़ी मिलने पर होगी कठोर कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि मिलों में रखे वास्तविक स्टॉक और सरकारी रिकॉर्ड के आंकड़ों में कोई विसंगति पाई जाती है, तो इसे ‘शुगर कंट्रोल ऑर्डर’ का सीधा उल्लंघन माना जाएगा:
- कानूनी कार्रवाई: दोषी पाई जाने वाली चीनी मिलों के खिलाफ ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ (Essential Commodities Act) और ‘शुगर कंट्रोल ऑर्डर 2025’ के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
- GST डेटा से मिलान: जुलाई 2026 की बिक्री का मिलान जीएसटी डेटा से भी किया जाएगा।
- कोटा रद्द करने की चेतावनी: बिक्री आंकड़ों या स्टॉक में किसी भी तरह की हेराफेरी पाए जाने पर संबंधित मिल का अक्टूबर 2026 का घरेलू चीनी कोटा रोका या रद्द किया जा सकता है।
सरकार के इन सख्त निर्देशों से स्पष्ट है कि त्यौहारों के दौरान आम जनता को चीनी की बढ़ती कीमतों से राहत दिलाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और प्रतिबद्ध है।

