को-डिस्ट्रिक्ट की कुल संख्या बढ़कर हुई 47; प्रशासनिक विकेंद्रीकरण और काजीरंगा संरक्षण को मिलेगी मजबूती
गुवाहाटी:
असम सरकार ने राज्य में प्रशासनिक कामकाज को जनता के और करीब लाने के उद्देश्य से अपने ‘को-डिस्ट्रिक्ट मॉडल’ (Co-District Model) का विस्तार करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को राज्य में 8 नए सह-जिले बनाने की घोषणा की।
वर्तमान में असम में 39 सह-जिले संचालित हैं, और इन 8 नए सह-जिलों के गठन के बाद राज्य में इनकी कुल संख्या बढ़कर 47 हो जाएगी।
क्यों अहम है ‘सह-जिला’ (Co-District) मॉडल?
सह-जिला मॉडल का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक विकेंद्रीकरण और ‘ईज ऑफ गवर्नेंस’ (Ease of Governance) को बढ़ावा देना है:
- जिला मुख्यालय की दूरी से राहत: असम की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और कनेक्टिविटी की चुनौतियों के बीच ग्रामीणों को छोटे-छोटे सरकारी कार्यों के लिए जिला मुख्यालय तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
- स्थानीय स्तर पर सेवाएं: नागरिक-केंद्रित सरकारी सेवाएं, प्रमाण पत्र और प्रशासनिक मंजूरियां अब सह-जिला कार्यालयों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी।
- योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन: स्थानीय स्तर पर विभागों के बीच बेहतर तालमेल से जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं को गति मिलेगी।
संरक्षित वन क्षेत्र में 403.62 वर्ग किमी का बड़ा विस्तार
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण एवं जैव विविधता संरक्षण से जुड़े अहम आंकड़े साझा करते हुए बताया कि राज्य के संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है:
| पहलू | विवरण व आंकड़े |
|---|---|
| संरक्षित क्षेत्र में वृद्धि | वर्ष 2016 से अब तक राज्य के संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क में 403.62 वर्ग किलोमीटर भूमि जोड़ी गई है। |
| क्षेत्रफल की तुलना | जोड़ा गया कुल नया वन क्षेत्र लगभग जयपुर शहर के कुल क्षेत्रफल के बराबर है। |
| काजीरंगा को लाभ | इस विस्तार से एक सींग वाले गैंडे के लिए विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का प्राकृतिक परिदृश्य अधिक सुरक्षित और परस्पर जुड़ा हुआ (Connected) बनेगा। |
| वन्यजीव गलियारा (Corridor) | नए क्षेत्र जुड़ने से हाथी, बाघ और जंगली भैंसों के प्राकृतिक आवासों और वन्यजीव गलियारों को कानूनी व मैदानी सुरक्षा मिलेगी। |
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, राज्य सरकार प्रशासनिक सुगमता और प्राकृतिक पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर सतत विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

