व्यापार, रक्षा और ऊर्जा साझेदारी की समीक्षा; जयराम रमेश ने रूस तेल खरीद और ईरान पर चुप्पी को घेरा
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को टेलीफोन पर विस्तृत और उच्च स्तरीय बातचीत हुई। प्रधानमंत्री ने इस संवाद को अत्यंत उपयोगी और सार्थक बताते हुए साझा किया कि दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों सहित कई प्रमुख रणनीतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समग्र समीक्षा की। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने के लिए निरंतर और करीबी संपर्क बनाए रखने पर पूर्ण सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही वार्ता में क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के साथ-साथ वैश्विक शांति और सुरक्षा के साझा प्रयासों पर भी विमर्श हुआ।
दूसरी ओर, इस शीर्ष स्तरीय कूटनीतिक संवाद के आधिकारिक ब्योरे को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री द्वारा जारी बयान के विवरण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े कई संवेदनशील और अहम मुद्दों पर सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
जयराम रमेश ने सार्वजनिक रूप से सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान अमेरिका द्वारा रूस से रियायती कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत को लगातार निशाना बनाए जाने का मुद्दा उठाया? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या ईरान के साथ भारत के दीर्घकालिक आर्थिक व रणनीतिक संबंधों पर अमेरिकी रुख को लेकर देश की चिंताओं से राष्ट्रपति ट्रंप को अवगत कराया गया? कांग्रेस नेता ने कहा कि ये ऐसे ज्वलंत विषय हैं जिन्हें लेकर देश के भीतर लगातार सवाल उठ रहे हैं, ऐसे में राष्ट्र के समक्ष पूरी सच्चाई आनी चाहिए।

