सभी चुनाव ‘अवैध’ बताकर लोकसभा-विधानसभाएं भंग करने की उठाई थी मांग; बैलेट पेपर से दोबारा चुनाव कराने पर छिड़ा घमासान
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संदर्भ में की गई बेहद तल्ख और विवादित टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को कड़ा रुख अपनाते हुए चौतरफा हमला बोला है। भाजपा ने खरगे के बयानों को सीधे तौर पर भारतीय लोकतंत्र, चुनाव प्रक्रिया और देश के 140 करोड़ नागरिकों के स्पष्ट जनादेश का घोर अपमान करार दिया है। सत्तारूढ़ दल ने कांग्रेस अध्यक्ष से अपनी अमर्यादित टिप्पणी को वापस लेने और देश की जनता से अविलंब सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है।
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब शनिवार को कर्नाटक के कलबुर्गी में मीडिया से बातचीत करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र और राज्यों की मौजूदा सरकारों की वैधानिकता पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने मांग की थी कि वर्तमान लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया जाना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा था कि देश में संपन्न हुए “सभी चुनाव अवैध थे” और इसके चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी पूरी तरह “अवैध” हैं।
कलबुर्गी में पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखते हुए खरगे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर फिर से संदेह जताया और देश भर में बैलेट पेपर के जरिए नए सिरे से निष्पक्ष आम चुनाव कराने की वकालत की। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा चुनावी प्रक्रिया लोकतांत्रिक मानकों पर खरी नहीं उतरती, इसलिए समूचे राजनीतिक ढांचे को नए जनादेश की आवश्यकता है।
कांग्रेस अध्यक्ष के इस अप्रत्याशित रुख पर पलटवार करते हुए भाजपा ने कहा कि लगातार मिल रही चुनावी हार से हताश होकर कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अब संवैधानिक संस्थाओं को ही नकारने पर उतारू हो गया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष लोकतांत्रिक चुनावों के जरिए सत्ता में आए शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्रियों को अवैध ठहराना देश की चुनावी साख को दुनिया भर में कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश है, जिसे भारतीय मतदाता कभी स्वीकार नहीं करेंगे।

