पाकिस्तान और अफगानिस्तान से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर हुई सातवीं बैठक; उप एनएसए पवन कपूर ने की सह-अध्यक्षता
नई दिल्ली: भारत और रूस ने अपनी विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया है। बुधवार को दोनों देशों के उच्चस्तरीय सुरक्षा तंत्र के बीच व्यापक विचार-विमर्श हुआ, जिसमें पाकिस्तान और अफगानिस्तान से संबंधित क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर उनके व्यापक प्रभावों पर विस्तृत मंथन किया गया। इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी सैन्य संबंधों को और गहरा करने तथा रणनीतिक रक्षा सहयोग के विस्तार पर विशेष बल दिया।
विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह विचार-विमर्श ‘भारत-रूस विशेष तंत्र’ के तहत पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर आयोजित की गई सातवीं औपचारिक बैठक के दौरान हुआ। इस उच्चस्तरीय सुरक्षा वार्ता की सह-अध्यक्षता भारत के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (उप एनएसए) पवन कपूर और रूस की सुरक्षा परिषद के उप सचिव अलेक्जेंडर वेनदिक्तोव ने संयुक्त रूप से की।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय स्थिरता, आतंकवाद के विरुद्ध साझा प्रयासों और साझा हितों से जुड़े अनेक द्विपक्षीय व बहुपक्षीय विषयों पर गहन चर्चा की। इस दौरान दोनों पक्षों ने माना कि यूरेशियाई क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए निरंतर रणनीतिक संवाद आवश्यक है। दोनों राष्ट्रों ने अपनी वर्तमान रणनीतिक साझेदारी की रूपरेखा के तहत रक्षा, सुरक्षा और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने की दिशा में काम जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।

