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Monday, November 2, 2026

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नई दिल्ली: एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ने संभाला वायुसेना के उप प्रमुख का पदभार

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर अमर जवानों को दी श्रद्धांजलि, सुखोई-30 और जगुआर उड़ाने का है लंबा अनुभव

नई दिल्ली: एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ने रविवार को भारतीय वायुसेना के नए उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) के रूप में आधिकारिक पदभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने राजधानी स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश की संप्रभुता और रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की। पदभार ग्रहण के औपचारिक अवसर पर उन्हें वायुसेना मुख्यालय में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर अमर जवानों को नमन करते हुए एयर मार्शल वालिया ने देश की सीमाओं की अटूट सुरक्षा और सेना की उच्च युद्धक तैयारियों के प्रति अपने संकल्प को दोहराया। उनकी यह नियुक्ति भारतीय वायुसेना के शीर्ष सैन्य नेतृत्व में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बदलाव का हिस्सा है, जहां वह वायुसेना की परिचालन रणनीतियों, आधुनिकीकरण योजनाओं और नीतिगत निर्णयों में प्रमुख भूमिका निभाएंगे।

अनुभवी फाइटर पायलट के रूप में विख्यात एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया को भारतीय वायुसेना के विभिन्न अग्रणी लड़ाकू विमानों को उड़ाने का व्यापक और समृद्ध अनुभव प्राप्त है। उन्होंने मिग-21, मिग-23, मिग-27, जगुआर और अत्याधुनिक सुखोई-30 एमकेआई के लगभग सभी प्रमुख संस्करणों को कुशलतापूर्वक उड़ाया है। वायुसेना में उनकी विशिष्ट सेवा और लड़ाकू अभियानों में दक्षता को हमेशा उच्च स्तर पर सराहा गया है।

वायुसेना के उप प्रमुख का दायित्व संभालने से पूर्व एयर मार्शल वालिया रणनीतिक रूप से संवेदनशील पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एओसी-इन-सी) पद पर तैनात थे। पूर्वी सीमा पर उनकी कमान के दौरान वायुसेना ने अपनी परिचालन तत्परता और निगरानी तंत्र को नई मजबूती प्रदान की थी, जिसका लाभ अब उन्हें संपूर्ण बल के प्रबंधन में मिलेगा।

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पूर्व छात्र रहे एयर मार्शल वालिया ने अपने लंबे और शानदार सैन्य करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण कमांड, स्टाफ और निर्देशात्मक पदों की जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया है। उनकी इस नई भूमिका से भारतीय वायुसेना की भविष्योन्मुखी युद्ध क्षमताओं, स्वदेशी तकनीक के समावेश और समग्र परिचालन दक्षता को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है।

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