8 स्टेशनों के पानी में मिला था ई-कोलाई बैक्टीरिया; रेलवे बोर्ड खुद करेगा गुणवत्ता और निगरानी की समीक्षा
नई दिल्ली:
ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाले पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में गंभीर कमियां उजागर होने के बाद भारतीय रेलवे हरकत में आ गया है। रेलवे ने रविवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद देशभर के स्टेशनों पर सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से बड़े सुधारात्मक कदमों का एलान किया है।
रेलवे प्रशासन ने देशभर में लगभग 20,000 स्थानों पर आधुनिक ‘टैंक टू टैप’ (Tank to Tap) जल फिल्ट्रेशन और ऑनलाइन निगरानी प्रणाली स्थापित करने का फैसला किया है।
सीएजी (CAG) की रिपोर्ट में सामने आई थीं ये बड़ी कमियां
सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट में रेलवे की पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता मानकों को लेकर चिंताजनक तथ्य सामने आए थे:
- ई-कोलाई बैक्टीरिया की मौजूदगी: ऑडिट के दौरान जांचे गए 49 स्टेशनों में से 8 प्रमुख स्टेशनों के पानी के नमूनों में खतरनाक ई-कोलाई (E. coli) बैक्टीरिया पाया गया।
- क्लोरीनेशन और जांच में लापरवाही: पानी में क्लोरीन के स्तर की नियमित निगरानी न होने और तय स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप समय-समय पर गुणवत्ता परीक्षण न किए जाने पर सवाल उठाए गए।
- रखरखाव का अभाव: पानी की पुरानी और जर्जर टंकियों की समय पर सफाई न होना।
रेलवे द्वारा उठाए गए प्रमुख सुधारात्मक कदम
| क्षेत्र / पहल | रेलवे का एक्शन प्लान |
| ‘टैंक टू टैप’ फिल्ट्रेशन | देशभर के 20 हजार स्थानों (वाटर कूलर, प्लेटफॉर्म टैप आदि) पर आधुनिक फिल्ट्रेशन सिस्टम की स्थापना। |
| पुरानी टंकियों का नवीनीकरण | पुरानी व खराब स्टोरेज टंकियों को बदला जाएगा और उनकी सफाई का तय शेड्यूल लागू होगा। |
| दोहरे स्तर पर टेस्टिंग | जल स्रोत (Source) और अंतिम नल (Outlet/Tap) दोनों स्तरों पर नियमित प्रयोगशाला परीक्षण अनिवार्य। |
| केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली | गुणवत्ता डेटा को ट्रैक करने के लिए एक सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम और रेलवे बोर्ड द्वारा सीधी निगरानी। |
अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सेहत और यात्रा अनुभव से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित रेल मंडलों के अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी और अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

