नई दिल्ली | 24 मार्च, 2026 मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने न्यायपालिका को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मद्रास और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आठ अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी जज बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का उद्देश्य उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की कमी को दूर करना और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाना है। कॉलेजियम ने इन न्यायाधीशों के पिछले प्रदर्शन, अनुभव और न्यायिक कार्यक्षमता की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया। अब इन अतिरिक्त जजों को पूर्णकालिक स्थायी सदस्य के रूप में नियुक्त किया जाएगा, जिससे अदालतों की कार्यप्रणाली में अधिक स्थिरता आएगी।
छत्तीसगढ़ और मद्रास हाईकोर्ट में नियुक्तियां; इन जजों के नामों पर लगी मुहर नई दिल्ली | 24 मार्च, 2026 कॉलेजियम द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पांच और मद्रास हाईकोर्ट के तीन अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी किया गया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति सचिन सिंह राजपूत, राधाकिशन अग्रवाल, संजय कुमार जायसवाल, बिभू दत्ता गुरु और अमितेंद्र किशोर प्रसाद के नामों को स्वीकृति मिली है। वहीं, मद्रास हाईकोर्ट के लिए न्यायमूर्ति आर. पूर्णिमा, एम. जोथिरामन और ऑगस्टीन देवदास मारिया क्लेटे को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब न्यायपालिका पर मामलों का बोझ कम करने और आम नागरिकों को समय पर न्याय दिलाने का भारी दबाव है।

