नंदीग्राम और रेजीनगर में एनडीए के तहत प्रचार का फैसला, भाजपा ने सीट बंटवारे की संभावना को नकारा
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्तूबर को होने वाले आगामी उपचुनाव से पहले राज्य के सियासी परिदृश्य में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रवादी सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) ने इन दोनों महत्वपूर्ण सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों के पक्ष में सक्रिय चुनाव प्रचार करने का आधिकारिक फैसला लिया है। मंगलवार को पार्टी नेतृत्व द्वारा इस निर्णय की औपचारिक घोषणा की गई। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने इस घटनाक्रम पर अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करते हुए दो टूक कहा है कि यह प्रचार समर्थन किसी औपचारिक चुनावी गठबंधन या भविष्य में सीट-साझाकरण का संकेत कतई नहीं है।
भाजपा नेतृत्व ने एनसीपीआई द्वारा दिए जा रहे प्रचार समर्थन को स्वीकार तो कर लिया है, लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि राज्य में पार्टी किसी भी प्रकार की चुनावी समझ या औपचारिक गठबंधन समझौते में प्रवेश नहीं कर रही है। भाजपा का स्पष्ट मानना है कि दोनों सीटों पर मुकाबला पूरी तरह उसके अपने संगठन और सिंबल के दम पर लड़ा जा रहा है, जिसमें सहयोगी विचारधारा वाले दलों का बाहरी प्रचार सहयोग मात्र एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया है।
गौरतलब है कि एनसीपीआई पश्चिम बंगाल की राजनीति में हालिया राजनीतिक उथल-पुथल के बाद एक नए राजनीतिक दल के रूप में उभरी है। पूर्व में हुए विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की चुनावी शिकस्त के बाद 20 पूर्व टीएमसी सांसदों ने पार्टी से नाता तोड़ लिया था और एनसीपीआई का गठन कर केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को अपना खुला समर्थन दिया था। एनसीपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिप्रकाश चट्टोपाध्याय ने पुष्टि की है कि पार्टी ने इन दोनों उपचुनाव सीटों पर अपने प्रत्याशी नहीं उतारे हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए के साथ राष्ट्रीय स्तर पर बने तालमेल के तहत ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने नंदीग्राम और रेजीनगर में भाजपा प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रचार अभियान में जुटने का निर्णय लिया है।

