सिरसा में दिल्ली को निशाना बनाने वाली मिसाइल गिराने के बाद भारत ने तबाह किए थे पाक के 11 सैन्य ठिकाने; हॉटलाइन पर मांगी गई थी सीजफायर की गुहार
नई दिल्ली:
मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) से जुड़ी कई अहम और गोपनीय परतें अब सामने आई हैं। भारतीय सेना के तत्कालीन सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के ताजा बयानों के अनुसार, भारतीय वायुसेना द्वारा दागी गई ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की मार से पस्त होकर पाकिस्तान ने खुद आगे आकर युद्धविराम (Ceasefire) की मांग की थी।
इस अभियान के दौरान भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान द्वारा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को निशाना बनाकर दागी गई एक हाई-स्पीड बैलिस्टिक मिसाइल को हरियाणा के सिरसा के ऊपर हवा में ही मार गिराया था।
दिल्ली पर मिसाइल हमला और एयर डिफेंस की कार्रवाई
राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक नितिन गोखले द्वारा साझा किए गए इनपुट्स के अनुसार:
- हमले का प्रयास: 10 मई 2025 को देर रात करीब 1:30 से 1:45 बजे के बीच पाकिस्तान ने दिल्ली को निशाना बनाते हुए एक तेज रफ्तार मिसाइल लॉन्च की।
- सिरसा में इंटरसेप्शन: भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते खतरे को भांपते हुए इस मिसाइल को हरियाणा के सिरसा के ऊपर ही नष्ट कर दिया, जिसका मलबा अगली सुबह खेतों में मिला।
- जवाबी रणनीति: सिरसा की घटना के तुरंत बाद भारत ने अपनी अंतिम और सबसे घातक जवाबी कार्रवाई शुरू की।
ब्रह्मोस स्ट्राइक: 11 सैन्य ठिकानों पर सटीक प्रहार
भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई के तहत पाकिस्तान के एयरबेस, रडार स्टेशनों और कमांड केंद्रों पर ब्रह्मोस क्रूज मिसाइलों से सटीक हमले किए।
| निशाना बने प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने | पहुंचा नुकसान |
|---|---|
| शुरुआती स्ट्राइक | रफीकी, सुक्कुर, रहीम यार खान और नूर खान एयरबेस। |
| अगले चरण के निशाने | सरगोधा, भोलारी, जैकबाबाद सहित कुल 11 सैन्य ठिकाने। |
हॉटलाइन पर गुहार: ‘इतने ब्रह्मोस हमलों के बाद अब भारत को संतुष्ट होना चाहिए’
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने खुलासा किया कि 10 मई की सुबह से ही पाकिस्तान के डीजीएमओ संपर्क साधने की कोशिश कर रहे थे। हॉटलाइन में आई तकनीकी खराबी को ठीक करने के बाद दोपहर करीब 3:30 बजे बातचीत संभव हो सकी:
- सीजफायर का प्रस्ताव: पाकिस्तानी डीजीएमओ मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला ने बातचीत शुरू करते ही युद्धविराम की पेशकश की।
- पाकिस्तानी डीजीएमओ का बयान: पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि “इतने ब्रह्मोस हमले हो चुके हैं, अब भारत को संतुष्ट होना चाहिए और लड़ाई को यहीं रोका जा सकता है।”
- युद्धविराम लागू: भारत द्वारा अपनी सामरिक क्षमता और कड़ा संदेश स्पष्ट करने के बाद, दोनों पक्षों के बीच 10 मई को शाम 5:30 बजे से सैन्य गतिविधियां रोकने (Ceasefire) पर सहमति बन गई।

