कारोबारियों को एक साझा मंच पर लाने की तैयारी, भारतीय उप उच्चायोग ने एफबीसीसीआई से मांगा सहयोग
ढाका: भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय व्यापार, आर्थिक साझेदारी और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को नई गति देने के लिए दोनों देश एक उच्चस्तरीय संयुक्त टास्क फोर्स (Joint Task Force) गठित करने की दिशा में सक्रियता से काम कर रहे हैं। इस रणनीतिक पहल का मुख्य उद्देश्य दोनों पड़ोसी देशों के उद्योगपतियों, निर्यातकों, व्यापारिक संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों को एक साझा मंच पर लाकर मौजूदा व्यापारिक बाधाओं को दूर करना और सीमा पार निवेश के नए अवसरों को सुगम बनाना है।
दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक संगठनों को जोड़ने की योजना भारत के उप उच्चायुक्त पवनकुमार तुलसीदास बढ़े ने रविवार को फेडरेशन ऑफ बांग्लादेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफबीसीसीआई) के प्रशासक एम. फजलुल हक के साथ आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान इस प्रस्तावित ढांचे की विस्तृत जानकारी साझा की। बैठक में दोनों देशों के बीच सप्लाई चेन को मजबूत करने, व्यापार सुगमता बढ़ाने और निजी क्षेत्र के बीच सीधी भागीदारी स्थापित करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में निभाएगा अहम भूमिका उप उच्चायुक्त पवनकुमार तुलसीदास बढ़े ने स्पष्ट किया कि भारतीय उच्चायोग दोनों देशों की सरकारों के साथ निरंतर रणनीतिक संवाद बनाए हुए है, ताकि इस संयुक्त टास्क फोर्स के गठन की औपचारिक प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह नया तंत्र दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर द्विपक्षीय व्यापार के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश के प्रमुख निजी व्यापारिक संगठनों, विशेष रूप से एफबीसीसीआई से इस पहल को धरातल पर उतारने के लिए सक्रिय तकनीकी और संस्थागत सहयोग की अपील की।

