परीक्षा के दौरान स्मार्टफोन पकड़े जाने का मामला, छवि धूमिल करने के प्रयासों पर जताई गहरी चिंता
मुंबई: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी बॉम्बे) में 20 वर्षीय बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की कथित खुदकुशी के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस दुखद घटना के बाद संस्थान के वरिष्ठ प्रोफेसर सूर्यानारायण दूल्ला को लेकर बन रहे माहौल और उनकी छवि खराब करने की कोशिशों पर आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने खुलकर अपनी बात रखी है। फोरम ने औपचारिक बयान जारी कर संबंधित प्रोफेसर का पुरजोर समर्थन किया है। फैकल्टी फोरम ने छात्र के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं भी व्यक्त की हैं।
संस्थान के नियमों और अकादमिक नीतियों के तहत हुई थी कार्रवाई
फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रोफेसर राजकुमार एस. पंत की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि प्रोफेसर दूल्ला ने उस दिन केवल अपनी तय प्रशासनिक जिम्मेदारी का निर्वहन किया था। बयान के अनुसार, उन्होंने संस्थान की सीनेट द्वारा निर्धारित नियमों, शैक्षणिक आचार संहिता और नीतियों के दायरे में रहकर ही कदम उठाया था। फोरम ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात किसी शिक्षक द्वारा नियमों का पालन कराने को व्यक्तिगत उत्पीड़न के रूप में प्रचारित करना बेहद चिंताजनक और अनुचित है।
मिड-सेमेस्टर परीक्षा में पकड़ा गया था स्मार्टफोन
बयान में उस दिन के घटनाक्रम का विस्तृत ब्योरा देते हुए बताया गया कि प्रोफेसर दूल्ला 18 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे के सत्र में आयोजित मिड-सेमेस्टर परीक्षा में इनविजिलेटर (कक्ष निरीक्षक) के रूप में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान उन्होंने एक छात्र को परीक्षा कक्ष में बिना अनुमति स्मार्टफोन रखने और उसका अनुचित इस्तेमाल करते हुए पकड़ा था। इसके बाद तय गाइडलाइंस का पालन करते हुए प्रोफेसर ने इस मामले को औपचारिक रूप से दर्ज कर आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए संस्थान के संबंधित उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया था। फोरम ने अपील की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच की प्रतीक्षा की जानी चाहिए।

