गणेश चतुर्थी से पहले हुआ मनोहारी स्वरूप का दीदार, 14 सितंबर से शुरू होगा मुंबई का ऐतिहासिक गणेशोत्सव
मुंबई: महानगर के सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक गणेशोत्सव की प्रतीक्षा कर रहे देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए पावन घड़ी आ गई है। गणेश चतुर्थी के महापर्व से ठीक पहले शुक्रवार शाम को प्रतिष्ठित ‘लालबागचा राजा’ की पहली भव्य झलक का आधिकारिक अनावरण कर दिया गया। लालबागचा राजा केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि मुंबई की अटूट आस्था, अनुपम कलात्मकता और जीवंत सांस्कृतिक परंपरा का सबसे बड़ा केंद्र हैं। पहली झलक के अनावरण के साथ ही आर्थिक राजधानी में गणेशोत्सव के आधिकारिक उल्लास का शुभारंभ हो गया है।
सिंहासन पर विराजमान मनोहारी रूप के दर्शन शुक्रवार शाम को जैसे ही लालबागचा राजा की प्रतिमा के मुख से पर्दा हटाया गया, उपस्थित श्रद्धालु जयकारों के बीच भाव-विभोर हो उठे। इस वर्ष भी विघ्नहर्ता भगवान गणेश की राजसी और विशाल प्रतिमा को एक अलौकिक, भव्य सिंहासन पर विराजमान दिखाया गया है। बेजोड़ शिल्पकला से गढ़ी गई यह दिव्य प्रतिमा शांत, दयालु और प्रेमपूर्ण मुद्रा में अपने भक्तों को आशीर्वाद देती प्रतीत हो रही है। परंपरा के अनुसार, बप्पा का यह अनुपम स्वरूप इस बार भी पूरे उत्सव का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
14 सितंबर से शुरू होगा दस दिवसीय महापर्व वर्ष 2026 में गणेश चतुर्थी का दस दिवसीय पावन पर्व आगामी 14 सितंबर से प्रारंभ होने जा रहा है। हर वर्ष उत्सव की शुरुआत से पूर्व लालबागचा राजा की पहली झलक का दीदार करना श्रद्धालुओं के लिए सबसे प्रतीक्षित पलों में से एक माना जाता है। आगामी दिनों में लाखों की संख्या में भक्त बप्पा के चरणों में शीश नवाने और मन्नत मांगने के लिए लालबाग स्थित पंडाल में पहुंचेंगे, जिसको लेकर मंडल और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए हैं।

