हैदराबाद: सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में एक महिला प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी के कथित यौन उत्पीड़न, मारपीट और पीछा करने (Stalking) के मामले में घिरे आरोपी प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी को सोमवार (20 जुलाई 2026) को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अधिकारी ने शहर में अपने भाई के फ्लैट पर कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश की, जिसके बाद उसे बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
फ्लैट पर बेहोश मिले अधिकारी, मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस और अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे आरोपी अधिकारी को उसके भाई और दोस्तों ने एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया।
- शुरुआती जांच: डॉक्टरों ने तुरंत उसका गैस्ट्रिक लैवेज (पेट की सफाई) किया, हालांकि शुरुआती जांच में पेट से किसी संदिग्ध पदार्थ के अंश नहीं मिले हैं।
- जांच जारी: वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए अधिकारी के रक्त (Blood) और मूत्र (Urine) के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकारी के पूरी तरह होश में आने और मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद ही साफ होगा कि उसने कोई जहरीला पदार्थ खाया था या नहीं।
महिला IPS अधिकारी ने लगाए हैं बेहद गंभीर आरोप
30 वर्षीय पीड़ित महिला प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई है कि आरोपी अधिकारी पिछले महीने (23 जून) से ही उसे मैसेजिंग ऐप्स के जरिए अश्लील और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले संदेश भेज रहा था। शिकायत में दर्ज मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
- चारित्रिक हनन: आरोपी ने अकादमी के भीतर महिला अधिकारी पर एक अन्य प्रशिक्षु के साथ संबंध होने का झूठा आरोप लगाया और इसे जबरन स्वीकार करने के लिए गाली-गलौज की।
- जानलेवा हमला: पीड़िता का आरोप है कि 9 जुलाई को आरोपी उसे जबरन अपने कमरे में ले गया, उसके बाल खींचे, गला दबाने की कोशिश की और गर्दन पर चाकू रखकर बंधक बना लिया। अगले दिन भी उसके साथ मारपीट की गई।
- ब्लैकमेलिंग: आरोपी ने बिना अनुमति के महिला का एक निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे पीड़िता के पति को भेजकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की।
अट्टापुर पुलिस और अकादमी की दोहरी जांच
कानूनी कार्रवाई: महिला अधिकारी की तहरीर पर अट्टापुर पुलिस ने 18 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की गंभीर धाराओं (यौन उत्पीड़न, पीछा करना, महिला की मर्यादा भंग करना और मारपीट) के तहत मामला दर्ज किया है।
- अकादमी से हुआ था गायब: एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी अधिकारी नेशनल पुलिस अकादमी छोड़कर चला गया था। पुलिस उसे जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी करने की तैयारी में थी कि इसी बीच यह घटना हो गई।
- आरोपी का पक्ष: अस्पताल में भर्ती होने से पहले आरोपी अधिकारी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर सभी आरोपों को बेबुनियाद और झूठा बताया था। उसने कहा था कि उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
- आंतरिक जांच शुरू: पुलिस केस के साथ-साथ सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी ने भी इस बेहद संवेदनशील मामले पर आरोपी प्रशिक्षु अधिकारी के खिलाफ एक उच्च-स्तरीय आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक कथित सुसाइड नोट भी वायरल हो रहा है, लेकिन अभी तक वह पुलिस के हाथ नहीं लगा है और न ही उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि हुई है।

