विश्व हिंदू परिषद के नाम पर मैदान खाली करने की अपील; लोकगायक आदित्य गढ़वी ने बयान से खुद को किया अलग
अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में नवरात्रि उत्सव के दौरान आयोजित एक प्रमुख गरबा कार्यक्रम में मंच से गैर-हिंदुओं और मुस्लिम समुदाय के लोगों को मैदान छोड़कर बाहर जाने की घोषणा किए जाने के बाद भारी विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरी घटना का कथित वीडियो सोशल मीडिया मंचों पर तेजी से प्रसारित होने के बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। वहीं, कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे गुजरात के विख्यात लोकगायक आदित्य गढ़वी ने विवाद तूल पकड़ते ही इस पूरे घटनाक्रम और घोषणा से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है।
यह विवादित वाकया बुधवार रात शहर के शेला रोड स्थित सवन्ना पार्टी प्लॉट में आयोजित ‘रंग मोरला’ नामक भव्य गरबा महोत्सव में सामने आया। प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, कार्यक्रम के उद्घोषक (एंकर) और रेडियो जॉकी आकाश त्रिवेदी ने मंच से माइक संभालते हुए दर्शकों के बीच मौजूद गैर-हिंदुओं और मुस्लिमों से तुरंत कार्यक्रम स्थल से बाहर चले जाने की सार्वजनिक अपील की।
आरजे आकाश त्रिवेदी ने मंच से ऐलान करते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकर्ता सनातन धर्म की रक्षा के उद्देश्य से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे हैं। उन्होंने परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं और गरबा प्रतिभागियों से यह भी कहा कि यदि उन्हें भीड़ में कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे, तो वे तत्काल जारी किए गए विशेष हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें।
मंच से हुई इस विवादास्पद घोषणा का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होते ही लोगों ने आयोजन में भेदभाव और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के प्रयास का आरोप लगाया। इस बीच, मंच पर अपनी संगीत प्रस्तुति दे रहे मशहूर लोकगायक आदित्य गढ़वी ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि मंच से जो बातें कही गईं, वे उनका निजी संदेश नहीं थीं और न ही इस घोषणा में उनकी किसी भी तरह की कोई भूमिका या सहमति थी। उन्होंने साफ किया कि एक कलाकार के रूप में उनका उद्देश्य केवल अपनी कला और संगीत के माध्यम से नवरात्रि की परंपरा को प्रस्तुत करना था।

