मंत्रालय ने बताया- ड्राइविंग की आदतें, AC का उपयोग और टायर प्रेशर भी तय करते हैं माइलेज; तेल कंपनियों ने खारिज की मिलावट की बात
नई दिल्ली:
केंद्र सरकार ने 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20 Fuel) के इस्तेमाल से वाहनों के माइलेज में गिरावट को लेकर चल रही चर्चाओं और वाहन चालकों की चिंताओं पर स्पष्टीकरण जारी किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को स्पष्ट किया कि वास्तविक परिस्थितियों में ईंधन की खपत और माइलेज केवल ईंधन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इसके पीछे कई अन्य व्यावहारिक कारक होते हैं।
मंत्रालय के अनुसार, ई20 ईंधन का व्यापक परीक्षण और वैज्ञानिक सत्यापन किया गया है और इसे अकेले माइलेज में बदलाव का कारण नहीं ठहराया जा सकता।
माइलेज को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि माइलेज में आने वाला अंतर निम्नलिखित कारणों से भी हो सकता है:
- ड्राइविंग की शैली: बार-बार अचानक ब्रेक लगाना या तेज गति से एक्सीलरेटर दबाना।
- ट्रैफिक की स्थिति: भारी जाम और बार-बार गाड़ी को स्टार्ट-स्टॉप करना।
- वाहन का रखरखाव: इंजन ट्यूनिंग, ऑयल चेंज और सर्विसिंग में लापरवाही।
- टायरों में हवा का दबाव (Tyre Pressure): कम एयर प्रेशर के कारण ईंधन की अधिक खपत।
- एयर कंडीशनिंग (AC): वाहन में लगातार एसी का अधिक उपयोग।
सरकार ने पूर्व में स्वीकार किया था कि कुछ पुराने वाहनों में ई20 के उपयोग से 3 से 5 प्रतिशत तक की ईंधन दक्षता में कमी देखी जा सकती है, लेकिन यह पूरी तरह से ड्राइविंग और रखरखाव की समग्र स्थिति पर निर्भर करता है।
ई20 पेट्रोल में मिलावट और खराबी के दावे खारिज
सरकारी तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने पेट्रोल में क्लोराइड या पानी मिलने के दावों को पूरी तरह निराधार बताया है:
| जांच का स्तर | लिए गए नमूने | जांच परिणाम |
|---|---|---|
| रिफाइनरी स्तर | 100 से अधिक पेट्रोल सैंपल | क्लोराइड का स्तर मानक के अनुसार 1 PPM या उससे भी कम मिला। |
| डिस्टिलरी व डिपो | 80 डिस्टिलरी और 80+ डिपो सैंपल | क्लोराइड निर्धारित सीमा (3 PPM) से काफी नीचे पाया गया। |
| पेट्रोल पंप स्टोरेज | ~90,000 पेट्रोल पंपों के भूमिगत टैंक | भूमिगत टैंकों में पानी/नमी के प्रवेश का कोई मामला नहीं मिला। |
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि देशभर के खुदरा बिक्री केंद्रों पर लगातार कठोर गुणवत्ता जांच की जा रही है और ई20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित व प्रमाणित है।

