मतदान और मतगणना के दौरान गड़बड़ी के आरोपों को बताया स्वाभाविक; सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बीच दिया बड़ा बयान
नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बीच राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता, नीयत और रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर पक्षपात या हेरफेर साबित होता है, तो आयोग की जवाबदेही तय करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित किया जाना चाहिए।
तुषार गांधी ने हालिया वर्षों के राजनीतिक और चुनावी घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि आम जनता और राजनीतिक दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह स्वाभाविक प्रतीत होते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, उससे देश के आम नागरिकों के मन में यह आशंका घर करने लगी है कि चुनावों की प्रक्रिया में कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ी जरूर हो रही है।
चुनावी पारदर्शिता पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने रेखांकित किया कि मतदान संपन्न होने और मतगणना शुरू होने के बीच के समय में लगभग हर चुनाव में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें आ रही हैं। इसके अलावा कई चुनावों के नतीजे बेहद चौंकाने वाले और जमीनी रुझानों के विपरीत रहे हैं, जिससे संदेह और गहरा जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग को संदेह से परे होना चाहिए और सभी सवालों का पारदर्शी व संतोषजनक जवाब देना चाहिए।

