कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में भाजपा नेता चंद्रनाथ रथ की बेरहमी से हत्या के बाद राज्य का सियासी पारा चढ़ गया है। इस घटना के सबसे अहम गवाह के रूप में भाजपा विधायक शंकर घोष सामने आए हैं, जिन्होंने दावा किया है कि उन्होंने फोन पर बातचीत के दौरान ही हमले की आवाजें सुनी थीं।
फोन पर सुनी कराह और गोली की आवाज
विधायक शंकर घोष के अनुसार, बुधवार रात करीब 10 बजे जब वह उल्टाडांगा से लौट रहे थे, तब वह चंद्रनाथ रथ से फोन पर बात कर रहे थे। वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी कार्यक्रमों की तैयारी पर चर्चा कर रहे थे।
घोष ने बताया कि बातचीत के दौरान अचानक रथ की आवाज बदल गई। उन्हें फोन पर पहले दर्द भरी कराह सुनाई दी और फिर गोली चलने जैसी आवाज आई, जिसके तुरंत बाद कॉल कट गई। जब उन्होंने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो एक अनजान व्यक्ति ने फोन उठाकर उन्हें रथ को गोली लगने की सूचना दी।
घटना का विवरण: बाइक सवार हमलावरों ने घेरा
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह घटना मध्यमग्राम के डोलतला इलाके में रात करीब 10:30 बजे हुई। चंद्रनाथ रथ अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें रोका और घेरकर गोलियां बरसा दीं। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
शुभेंदु अधिकारी के करीबी थे रथ
चंद्रनाथ रथ को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, विशेषकर शुभेंदु अधिकारी का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता था। उनकी हत्या की खबर मिलते ही शंकर घोष अस्पताल पहुंचे। भाजपा ने इस हमले को एक सुनियोजित राजनीतिक हत्या करार दिया है।
बढ़ता राजनीतिक तनाव
इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर विपक्षी दलों ने कड़े सवाल उठाए हैं। भाजपा का आरोप है कि यह घटना राज्य में जारी राजनीतिक हिंसा का हिस्सा है। फिलहाल पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के जरिए हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

