मुंबई/नासिक: महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने शुक्रवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पर तीखा हमला बोलते हुए इसे एक राजनीतिक दल के बजाय ‘आतंकी संगठन’ करार दिया है। राणे का यह बयान नासिक के बहुचर्चित टीसीएस (TCS) यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले में एक AIMIM पार्षद का नाम सामने आने के बाद आया है।
AIMIM पार्षद पर आरोपी को पनाह देने का आरोप
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि टीसीएस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर में AIMIM पार्षद मतीन पटेल ने कथित तौर पर शरण दे रखी थी। निदा खान को हाल ही में नरेगा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। जांच के अनुसार, पटेल ने पिछले कुछ दिनों से निदा और उसके रिश्तेदारों को अपने यहाँ पनाह दी थी, जिसके बाद पुलिस ने पार्षद के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है।
नितेश राणे की तीखी प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए नितेश राणे ने AIMIM की तुलना प्रतिबंधित संगठनों से की। उन्होंने कहा:
“एआईएमआईएम एक आतंकवादी संगठन है, न कि कोई राजनीतिक दल। इसकी कार्यप्रणाली पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (PFI) के समान है।”
दूसरी ओर, AIMIM के वरिष्ठ नेता इम्तियाज जलील ने कहा है कि वह मतीन पटेल की इस मामले में कथित संलिप्तता को लेकर पार्टी पदाधिकारियों और पुलिस से चर्चा करेंगे।
क्या है नासिक टीसीएस मामला?
नासिक पुलिस की विशेष जांच दल (SIT) आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) की नासिक इकाई में हुए गंभीर अपराधों की जांच कर रही है। इस मामले में अब तक नौ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं।
- आरोप: महिला कर्मचारियों का यौन शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना और मानसिक उत्पीड़न।
- कार्रवाई: अब तक इस मामले में एक महिला सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस धर्मांतरण रैकेट के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं। नितेश राणे के इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

