सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद दिया गया आदेश; ट्रायल कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में
शिलांग:
मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने मंगलवार को मेघालय की एक ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों का पालन करते हुए आरोपी ने अदालत के समक्ष सरेंडर किया, जिसके बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने आरोपी के आत्मसमर्पण और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की पुष्टि की है।
क्या है पूरा मामला?
वर्ष 2025 में घटित इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था:
- हनीमून के दौरान हत्या: इंदौर निवासी कारोबारी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 23 मई 2025 को मेघालय के सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र में हनीमून मनाने गए थे, जहां से दोनों संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे।
- खाई में मिला शव: 2 जून 2025 को पुलिस ने राजा का शव एक गहरी खाई से बरामद किया।
- साजिश का पर्दाफाश: पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर आर्थिक लाभ और संपत्ति के उद्देश्य से सुपारी देकर अपने पति की हत्या करवाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की थी जमानत
मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत:
- हाईकोर्ट से राहत: 29 जून को मेघालय हाईकोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत याचिका को बरकरार रखा था और राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी थी।
- सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: मेघालय सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपील पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने 23 जुलाई को सोनम की जमानत रद्द कर दी थी।
- 3 सप्ताह की मोहलत: शीर्ष अदालत ने माना कि आरोपी के बाहर रहने से निष्पक्ष मुकदमे की सुनवाई प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही उसे तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आगामी छह महीने के भीतर मुकदमे की सुनवाई में प्रगति नहीं होती है या ट्रायल पूरा नहीं होता है, तो आरोपी नई जमानत याचिका दाखिल करने के लिए स्वतंत्र होगी।

