29 C
Mumbai
Monday, June 27, 2022

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

"मानवाधिकर आभिव्यक्ति, आपकी आभिव्यक्ति" 100% निडर, निष्पक्ष, निर्भीक !

रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों की छूट को ख़त्म कर कमाए 3,464 करोड़ रुपए

भारतीय रेल ने पिछले दो साल में वरिष्ठ नागरिकों को टिकट में मिलने वाली रियायत खत्म कर 3,464 करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है। दरअसल मोदी सरकार ने कोविड महामारी के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन में मिलने वाली छूट खत्म कर दी थी, जो अब तक नहीं शुरू की गई है।

निडर, निष्पक्ष, निर्भीक चुनिंदा खबरों को पढने के लिए यहाँ >> क्लिक <<करें

सूचना के अधिकार कानून के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में जानकारी निकलकर सामने आई है कि 20 मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 के बीच रेलवे ने 7.31 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा में रियायत ना देकर यह राजस्व अर्जित किया है। इससे पहले रेल यात्रा के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को टिकट में छूट दी जाती थी लेकिन कोविड महामारी के दौरान इसे बंद कर दिया गया था जिसे अब तक जारी रखा गया है।

अधिक महत्वपूर्ण जानकारियों / खबरों के लिये यहाँ >>क्लिक<< करें

जानकारी के अनुसार 60 वर्ष से अधिक आयु के 4.46 करोड़ पुरुष और 58 वर्ष से अधिक आयु की 2.84 करोड़ महिला और 8,310 ट्रांसजेंडर लोगों को छूट नहीं दिए जाने के बाद रेलवे ने 2 साल की अवधि के दौरान कुल 3464 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। इसमें दूसरी रियायतों के निलंबन के कारण अर्जित अतिरिक्त 15,100 करोड़ रुपए भी शामिल हैं।

‘लोकल न्यूज’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से ‘नागरिक पत्रकारिता’ का हिस्सा बनने के लिये यहाँ >>क्लिक<< करें

गौरतलब है कि 58 प्रकार की अलग-अलग रियायतों की वजह से रेलवे को हर साल 2000 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता था, जिसे रेलवे ने कम करने के लिए वरिष्ठ नागरिकों की टिकट में रियायत देने का फैसले को निलंबित किया था। वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली रियायत कुल छूट का 80 फीसदी हिस्सा था जिससे रेलवे को बेहद नुकसान उठाना पड़ता था।

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here