29 C
Mumbai
Monday, June 27, 2022

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

"मानवाधिकर आभिव्यक्ति, आपकी आभिव्यक्ति" 100% निडर, निष्पक्ष, निर्भीक !

शीर्ष अदालत में याचिकाओं पर याचिका दर्ज प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट के खिलाफ 

प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाओं की बाढ़ आ गयी है, पिछले एक हफ्ते में इस तरह की चौथी और कुल 7 याचिकाएं दाखिल की जा चुकी है. नई याचिका कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने दाखिल की है. इन सभी याचिकाओं में प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट को संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ बताया गया है.

निडर, निष्पक्ष, निर्भीक चुनिंदा खबरों को पढने के लिए यहाँ >> क्लिक <<करें

याचिका में कहा गया है कि जब कानून व्यवस्था, कृषि, शिक्षा आदि की तरह धार्मिक स्थलों का रखरखाव और उस संबंध में कानून बनाने का अधिकार भी राज्यों को दिया गया है. संविधान में भी ये हक राज्यों को ही दिया गया है, तब केंद्र ने कैसे ये कानून बनाया? याचिका में कहा गया है कि ये कानून मनमाना और असंवैधानिक है.

याचिका में दावा किया गया है कि केंद्र की ओर से 1991 में संसद से पारित कराया गया प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट जिसे कानून बना दिया गया. वह पूरी प्रक्रिया ही असंवैधानिक है. लिहाजा, इस कानून को रद्द किया जाए.

अधिक महत्वपूर्ण जानकारियों / खबरों के लिये यहाँ >>क्लिक<< करें

दरअसल, अयोध्या फैसले के बाद सबसे पहले 12 जून 2020 को हिंदू पुजारियों के संगठन विश्व भद्र पुजारी पुरोहित महासंघ ने प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 यानी कि पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 को चुनौती दी थी. याचिका में काशी और मथुरा विवाद को लेकर कानूनी कार्रवाई को फिर से शुरू करने की मांग की गई थी, जबकि, इस एक्ट में कहा गया है कि 15 अगस्त, 1947 को जो धार्मिक स्थल जिस संप्रदाय का था वो आज, और भविष्य में, भी उसी का रहेगा.

‘लोकल न्यूज’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से ‘नागरिक पत्रकारिता’ का हिस्सा बनने के लिये यहाँ >>क्लिक<< करें

ग़ौरतलब है कि पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 एक अधिनियम है जो 15 अगस्त 1947 तक अस्तित्व में आए हुए किसी भी धर्म के पूजा स्थल को एक आस्था से दूसरे धर्म में परिवर्तित करने और किसी स्मारक के धार्मिक आधार पर रखरखाव पर रोक लगाता है. यह केंद्रीय कानून 18 सितंबर, 1991 को पारित किया गया था. हालांकि, अयोध्या विवाद को इससे बाहर रखा गया था क्योंकि उस पर कानूनी विवाद पहले से चल रहा था.

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here