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Sunday, August 9, 2026

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नई दिल्ली: भारतीय भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर दीपक धर को 2026 का ‘डिराक मेडल’, सांख्यिकीय यांत्रिकी में योगदान के लिए मिला सम्मान

बोल्ट्जमैन मेडल और पद्म भूषण से सम्मानित हो चुके हैं प्रोफेसर धर; ICTP द्वारा दिया जाता है यह प्रतिष्ठित पुरस्कार

नई दिल्ली:

भारत के प्रतिष्ठित सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी (Theoretical Physicist) और आईआईएनएसए (IINSA) के प्रोफेसर दीपक धर को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित डिराक मेडल (Dirac Medal 2026) के लिए चुना गया है। इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल फिजिक्स (ICTP) द्वारा प्रदान किया जाने वाला यह पुरस्कार सांख्यिकीय यांत्रिकी (Statistical Mechanics) के क्षेत्र में उनके असाधारण शोध और वैश्विक योगदान को मान्यता देता है। इस वर्ष प्रो. धर के साथ तीन अन्य अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों को भी इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

प्रतापगढ़ से कैलटेक और ‘फाइनमैन’ के साथ सफर

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में 1951 में जन्मे दीपक धर का वैज्ञानिक सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है:

  • प्रारंभिक शिक्षा: इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और आईआईटी कानपुर से एमएससी करने के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) गए।
  • रिचर्ड फाइनमैन के साथ काम: कैलटेक में उन्हें प्रसिद्ध ‘रिचर्ड फाइनमैन फेलोशिप’ मिली, जहां उन्होंने नोबेल विजेता भौतिक विज्ञानी रिचर्ड फाइनमैन के टीचिंग असिस्टेंट के रूप में कार्य किया और 1978 में पीएचडी पूरी की।
  • भारत वापसी: अमेरिका में अवसरों के बावजूद वे भारत लौटे और मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) तथा बाद में IISER पुणे से जुड़कर दशकों तक अनुसंधान कार्य किया।

‘धर बर्निंग एल्गोरिदम’ और प्रमुख वैज्ञानिक योगदान

प्रमुख शोध / उपलब्धिविवरण
धर बर्निंग एल्गोरिदम (Dhar’s Burning Algorithm)सैंडपाइल मॉडल और ‘सेल्फ-ऑर्गनाइज्ड क्रिटिकलिटी’ (Self-Organized Criticality) पर उनका यह काम जटिल प्रणालियों के अध्ययन में मील का पत्थर माना जाता है।
सांख्यिकीय यांत्रिकीजटिल नेटवर्क, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वित्तीय प्रणालियों में प्रयुक्त होने वाले सांख्यिकीय भौतिकी के सिद्धांतों को समृद्ध किया।

बोल्ट्जमैन मेडल पाने वाले पहले भारतीय

डिराक मेडल से पहले प्रो. दीपक धर को कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं:

  1. बोल्ट्जमैन मेडल (2022): सांख्यिकीय भौतिकी का यह सर्वोच्च सम्मान पाने वाले वे पहले भारतीय बने।
  2. पद्म भूषण (2023): भारत सरकार द्वारा देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया।

क्या है ‘डिराक मेडल’?

महान भौतिक विज्ञानी पॉल डिराक की स्मृति में 1985 से शुरू हुआ यह पुरस्कार ICTP द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाता है। स्टीफन हॉकिंग जैसी महान हस्तियां इस सम्मान से नवाजी जा चुकी हैं। इसकी एक विशेष शर्त यह है कि नोबेल पुरस्कार या फील्ड्स मेडल विजेता वैज्ञानिकों को इसके लिए नामांकित नहीं किया जाता, हालांकि कई डिराक मेडल विजेताओं को बाद में नोबेल पुरस्कार मिला है।

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