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Tuesday, July 21, 2026

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अहमदाबाद विमान हादसा: एआई-171 के पीड़ित परिवारों ने की ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करने की मांग, उठाए सवाल

अहमदाबाद: एअर इंडिया के एआई-171 विमान हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों ने रविवार को विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) से ब्लैक बॉक्स का मूल डेटा और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की ट्रांसक्रिप्ट को सार्वजनिक करने या उनके वकीलों को सौंपने की पुरजोर मांग की है। परिजनों ने एएआईबी के उस रुख पर तीखी आपत्ति जताई है, जिसमें एजेंसी ने संवेदनशील सामग्री को गोपनीय रखने और केवल अंतिम जांच रिपोर्ट जारी करने की बात कही है।

क्या था एआई-171 विमान हादसा?

बीते 12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान (एआई-171) दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास परिसर पर जा गिरा था। इसे भारत के इतिहास की सबसे भीषण विमान दुर्घटनाओं में से एक माना जाता है, जिसमें विमान में सवार 242 में से 241 यात्रियों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों सहित कुल 260 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।

एएआईबी (AAIB) के हलफनामे पर परिजनों के सवाल

पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधियों ने रविवार को एक विशेष बैठक कर सुप्रीम कोर्ट में एएआईबी द्वारा दाखिल किए गए हालिया हलफनामे पर चर्चा की। इस हादसे में अपने परिवार के तीन सदस्यों को खोने वाले रोमिन वोहरा ने मीडिया से बातचीत में जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:


“अगर अधिकारियों का डेटा जारी करने का इरादा नहीं था, तो दुर्घटना के कुछ ही दिनों बाद प्रारंभिक रिपोर्ट के हिस्से के रूप में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग ट्रांसक्रिप्ट का एक हिस्सा कैसे सामने आ गया? क्या यह चयनात्मक प्रकटीकरण केवल पायलटों पर दोष मढ़ने या पीड़ितों के परिवारों को गुमराह करने के लिए किया गया था?”

परिजनों का तर्क है कि जब तक वास्तविक ब्लैक बॉक्स डेटा सामने नहीं आता, तब तक केवल सारांश (समरी) रिपोर्ट की सटीकता पर भरोसा नहीं किया जा सकता। खेड़ा जिले के रहने वाले वोहरा ने बताया कि उनके वकील डेटा हासिल करने के लिए सभी कानूनी विकल्पों पर काम कर रहे हैं और वे अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

दुर्घटनास्थल पर स्मारक बनाने की मांग

बैठक में पीड़ित परिवारों ने दुर्घटनास्थल पर एक स्थायी स्मारक बनाने की अपनी मांग को भी दोहराया। उन्होंने केंद्र सरकार, एअर इंडिया और इसके स्वामित्व वाले टाटा समूह से स्मारक के लिए उपयुक्त जमीन चिन्हित करने और आवश्यक फंड उपलब्ध कराने की भावुक अपील की है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर अंतिम रिपोर्ट जारी नहीं की जाती है, तो वे प्रशासन से अनुमति लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे।

अक्टूबर तक आएगी अंतिम रिपोर्ट, गोपनीयता पर अड़ी एजेंसी

इसी सप्ताह एएआईबी ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि इस भीषण विमान हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट का मसौदा अक्टूबर 2026 तक तैयार होने की उम्मीद है। हालांकि, एजेंसी ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया है कि गवाहों के बयान, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की मूल रिकॉर्डिंग, एटीसी (ATC) से हुई बातचीत और चिकित्सकीय जानकारी जैसी संवेदनशील सामग्री को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। एजेंसी के अनुसार, ऐसी जानकारियों को सार्वजनिक करने से भविष्य की विमान दुर्घटना जांचों की निष्पक्षता और सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

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