नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास (जीपीआरए) की मासिक लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी कर दी है। शहरी विकास मंत्रालय की एस्टेट शाखा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ‘जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) रुल्स 2017’ के नियम 74 के तहत ये नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। इस संशोधन में जीपीआरए की लाइसेंस फीस में 12% और हॉस्टल आवास में 10% की वृद्धि की गई है। सर्वेंट क्वार्टर और गैरेज की फीस भी बढ़ा दी गई है।
आवास प्रकार के अनुसार बढ़ी हुई लाइसेंस फीस (टेबल)
सरकारी आवासों के टाइप और उनके क्षेत्रफल के आधार पर नई मासिक लाइसेंस फीस इस प्रकार है:
| आवास का प्रकार (Type) | क्षेत्रफल (वर्ग मीटर) | पुरानी लाइसेंस फीस (₹) | नई लाइसेंस फीस (₹) |
| टाइप 1 | 30 तक | 210 | 230 |
| टाइप 2 | 26.5 से 50 | 440 | 490 |
| टाइप 3 | 44 से 65 | 660 | 740 |
| टाइप 4 | 59 से 91.5 | 880 | 980 |
| टाइप 4 स्पेशल | 59 से 91.5 | 930 | 1040 |
| टाइप 5ए | 106 तक | 1650 | 1850 |
| टाइप 5बी | 106 से अधिक | 1750 | 1960 |
| टाइप 6ए | 159.5 तक | 2170 | 2430 |
| टाइप 6बी | 159.5 से अधिक | 2590 | 2900 |
| टाइप 7 | 189.5 से 224.5 | 3040 | 3400 |
| टाइप 8 | 243 से 522 | 5430 | 6070 |
हॉस्टल, सर्वेंट क्वार्टर और गैरेज की नई दरें
- सिंगल रूम सुइट (बिना किचन – 21.5 से 30 वर्ग मीटर): पुरानी फीस ₹550 से बढ़ाकर ₹620 की गई।
- सिंगल रूम सुइट (किचन के साथ): पुरानी फीस ₹780 से बढ़ाकर ₹870 की गई।
- डबल रूम सुइट: पुरानी फीस ₹1070 से बढ़ाकर ₹1200 की गई।
- सर्वेंट क्वार्टर: फ्लैट रेट ₹90 से बढ़ाकर ₹100 किया गया।
- गैरेज: मासिक फीस ₹60 से बढ़ाकर ₹70 की गई।

