नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस सत्र को सुचारु रूप से चलाने के लिए रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में आगामी विधायी कार्यों और चर्चा के समय का निर्धारण किया गया, लेकिन विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बयानबाजी ने सत्र के हंगामेदार रहने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं।
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में तय हुआ समय
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण तरीके से चलाने में सहयोग की अपील की। बैठक में 6 प्रमुख विधेयकों पर चर्चा के लिए समय सीमा तय की गई:
| विधेयक का नाम | आवंटित समय |
| विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA) | 4 घंटे |
| आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 | 4 घंटे |
| सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 | 4 घंटे |
| जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 | 4 घंटे |
| राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 | 4 घंटे |
| सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास संशोधन विधेयक, 2026 | 5 घंटे |
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सरकार सभी महत्वपूर्ण विधेयकों पर रचनात्मक चर्चा के लिए तैयार है, बशर्ते विपक्ष सदन में हंगामा न करे।
पहले दिन राज्यसभा में आएगा ‘वंदे मातरम्’ से जुड़ा ऐतिहासिक विधेयक
संसद के पहले ही दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में एक ऐतिहासिक कानून पेश करने जा रहे हैं। सरकार ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश करेगी।
क्या बदलेगा इस कानून से?
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के तहत अब तक केवल राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान (‘जन गण मन’) के अपमान पर 3 साल तक की जेल का प्रावधान था। नए संशोधन के बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण मिलेगा। इसके गायन में बाधा डालने या अपमान करने पर कानूनी कार्रवाई होगी। यह कदम ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर उठाया जा रहा है।
इन मुद्दों पर तल्ख हुए विपक्ष के तेवर
एक तरफ जहां सरकार विधायी कार्यों की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने कई मोर्चों पर सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है:
- सवालों से भागने का आरोप: लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि विपक्ष रचनात्मक सहयोग के लिए तैयार है, लेकिन सरकार नीट (NEET-UG) पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और एथेनॉल नीति जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा से बच रही है।
- TMC बागियों पर सर्वदलीय बैठक से वॉकआउट: रविवार सुबह बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से पूरा विपक्ष प्रतीकात्मक रूप से वॉकआउट कर गया। विपक्ष का विरोध लोकसभा अध्यक्ष द्वारा टीएमसी के 20 बागी सांसदों (जो अब नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया – NCPI में शामिल हुए हैं) को सदन में अलग बैठने की अनुमति देने पर है। हालांकि, विरोध के बावजूद बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तिदार बीएसी (BAC) की बैठक में शामिल हुईं।

