दुबई/लंदन | 30 मार्च, 2026 यमन के हूती गुट के ईरान-अमेरिका युद्ध में शामिल होने से ‘रेड सी’ (लाल सागर) के व्यापारिक मार्ग पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। दुनिया का लगभग 15% समुद्री कारोबार इसी रास्ते से होता है, जो अब हूती लड़ाकों के निशाने पर है। मध्य पूर्व विश्लेषक सेबेस्टियन अशर के अनुसार, युद्ध के शुरुआती हफ्तों में शांत रहने के बाद अब हूती गुट की सक्रियता ने वैश्विक सप्लाई चेन को डरा दिया है। यदि यह मार्ग बाधित होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा और जरूरी सामानों की किल्लत बढ़ सकती है, जिससे पहले से ही अस्थिर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ेगा।
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होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से तेल-गैस की कीमतों में उछाल; रेड सी से भरपाई की कोशिशें नाकाम रियाद/नई दिल्ली | 30 मार्च, 2026 ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का करीब 20% हिस्सा पहले ही बाधित हो चुका है, जिसके चलते दुनिया भर में तेल और गैस के दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई देश इस कमी की भरपाई रेड सी के रास्ते से कर रहे थे, लेकिन अब इस वैकल्पिक मार्ग पर भी हूती हमलों की आशंका ने संकट को गहरा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रेड सी और होर्मुज दोनों मार्ग पूरी तरह बंद होते हैं, तो यह आधुनिक समय का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट साबित हो सकता है, जिससे कई देशों के सामने ईंधन और बिजली का गंभीर अभाव पैदा हो जाएगा।

