कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के चरम पर होने के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी की कानूनी मुश्किलें अचानक बढ़ गई हैं। राज्य के विधाननगर नॉर्थ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। यह कार्रवाई चुनाव से ठीक पहले उनके द्वारा दिए गए कथित भड़काऊ बयानों को लेकर हुई है।
एफआईआर में शामिल तीन गंभीर आरोप
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस प्राथमिकी में टीएमसी सांसद के खिलाफ मुख्य रूप से तीन गंभीर मामलों को आधार बनाया गया है:
- चुनावी माहौल बिगाड़ने का प्रयास: आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने अपनी सार्वजनिक सभाओं और मंचों से ऐसे बयान दिए हैं, जिससे राज्य का शांतिपूर्ण चुनावी माहौल प्रभावित हो सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
- ‘डीजे’ विवाद पर आपत्ति: दूसरा मामला उनके द्वारा ‘डीजे’ (DJ) बजाने को लेकर दिए गए एक विवादित बयान से जुड़ा है। शिकायत में दावा किया गया है कि इस बयान से समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं, जिसके बाद इस पर काफी राजनीतिक बवाल भी मचा था।
- साइबर क्राइम जांच: चूंकि मामला साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है, इसलिए पुलिस उनके भाषणों के सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों की भी गहनता से जांच कर रही है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस कार्रवाई के बाद से सियासी पारा और चढ़ गया है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस जहां इसे विपक्ष की राजनीतिक साजिश बता रही है, वहीं विपक्षी दल इसे कानून के तहत की गई जरूरी कार्रवाई करार दे रहे हैं। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों को जुटाने में लग गई है।

