जलगांव, 30 मार्च 2026
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के एमएलसी और पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे और उनकी बेटी शारदा खडसे के खिलाफ सोमवार को धोखाधड़ी, जालसाजी और दलित उत्पीड़न (एट्रोसिटी एक्ट) का मामला दर्ज किया गया है। 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला चमेलीबाई तुकाराम तायडे की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। आरोप है कि खडसे और उनकी बेटी ने जालसाजी के जरिए ‘महार वतन’ श्रेणी की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया, जो नियमानुसार बिना कलेक्टर की अनुमति के हस्तांतरित नहीं की जा सकती।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने 9 मार्च को जलगांव पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह धोखाधड़ी 2002 से 2025 के बीच योजनाबद्ध तरीके से की गई। एफआईआर के अनुसार, एकनाथ खडसे ने साल 2002 में पीड़ित परिवार को जलगांव के मनपुर शिवर स्थित उनकी जमीन पर चीनी कारखाना स्थापित करने का झांसा दिया था। उन्होंने परिवार के सदस्यों को बेहतर मुआवजा और रोजगार देने का वादा कर 51,000 रुपये दिए थे और आश्वासन दिया था कि कारखाने के प्रबंधन से परिवार के प्रत्येक सदस्य को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि जमीन पर कभी कोई चीनी कारखाना नहीं बनाया गया। इसके बजाय, खडसे ने ‘तापी-पूर्णा शुगर एलाइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ नामक कंपनी बनाकर दस्तावेजों में हेरफेर किया और अनधिकृत तरीके से जमीन अपनी बेटी शारदा के नाम स्थानांतरित करवा ली। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी अशिक्षा का फायदा उठाकर आरोपियों ने एक गहरी साजिश रची और दशकों तक उन्हें अंधेरे में रखकर उनकी पुश्तैनी जमीन हथिया ली। पुलिस ने अब इस मामले में जालसाजी और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।

