नई दिल्ली, 5 अप्रैल 2026
केंद्र सरकार ने प्रवासी मजदूरों, छात्रों और दिहाड़ी कामगारों की रसोई की चिंता दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब खुले बाजार में मिलने वाले 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर (छोटू सिलेंडर) को खरीदने के लिए स्थायी पते के प्रमाण (Address Proof) की अनिवार्यता को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
1. क्या है नया नियम?
अब कोई भी व्यक्ति जिसके पास अपना घर या पते का पक्का सबूत नहीं है, वह आसानी से गैस सिलेंडर ले सकता है:
- दस्तावेज: केवल एक वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि) दिखाना होगा।
- प्रक्रिया: नजदीकी अधिकृत गैस एजेंसी पर जाकर एक साधारण घोषणा पत्र (Self-Declaration) देना होगा, जिसमें यह बताना होगा कि आप वर्तमान में उसी इलाके में रह रहे हैं।
- पात्रता: यह सुविधा उन लोगों के लिए भी है जिनके पास पहले से कोई गैस कनेक्शन नहीं है।
2. एलपीजी वितरक महासंघ ने किया स्वागत
अखिल भारतीय एलपीजी वितरक महासंघ के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ने इस फैसले को ‘क्रांतिकारी’ बताया है। उन्होंने कहा कि इससे उन कामकाजी महिलाओं, छात्रों और पेशेवरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो अक्सर किराए के कमरों में रहते हैं और पते के सबूत के अभाव में नया कनेक्शन नहीं ले पाते थे।
3. महत्वपूर्ण शर्तें और आंकड़े
- केवल घरेलू उपयोग: सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन सिलेंडरों का उपयोग केवल खाना बनाने के लिए किया जा सकता है। इनका व्यावसायिक इस्तेमाल (Commercial Use) सख्त वर्जित है।
- बिक्री का रिकॉर्ड: पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, इस फैसले को जनता का जबरदस्त समर्थन मिला है। 23 मार्च से अब तक लगभग 6.6 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जिसमें से एक ही दिन में 90 हजार से अधिक की रिकॉर्ड बिक्री हुई।

