नई दिल्ली: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि उनके व्यंग्यात्मक डिजिटल संगठन (Sarcastic Digital Organization) और व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ एक समन्वित कार्रवाई (Coordinated Action) की जा रही है। दिपके के अनुसार, अकाउंट्स पर पाबंदी और हैकिंग की सिलसिलेवार घटनाओं के बाद अब किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनका नियंत्रण नहीं रह गया है।
यह विवाद तब गहराया जब सीजेपी ने देश के शिक्षा क्षेत्र में कथित प्रणालीगत विफलताओं और नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़ा ऑनलाइन अभियान शुरू किया था।
पर्सनल अकाउंट्स भी हुए हैक, मिलीं जान से मारने की धमकियां
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी आपबीती साझा करते हुए इस पूरी कार्रवाई को केंद्रीय मंत्री के खिलाफ चलाए गए उनके अभियान से सीधा जोड़ा:
अकाउंट्स पर पाबंदी: सीजेपी का मुख्य एक्स (ट्विटर) अकाउंट भारत में दो दिन पहले ही कानूनी मांग के तहत रोक दिया गया था। इसके बाद दिपके द्वारा बनाया गया एक नया बैकअप अकाउंट भी हटा दिया गया।
इंस्टाग्राम पर साइबर हमला: दिपके ने दावा किया कि सीजेपी के आधिकारिक पेज के साथ-साथ उनका व्यक्तिगत इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैक कर लिया गया है।
सुरक्षा पर खतरा: शुक्रवार को अभियान शुरू होने के बाद दिपके ने आरोप लगाया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने सबूत के तौर पर धमकी भरे संदेशों के कुछ स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे।
अभिजीत दिपके का बयान:
“प्रणालीगत कमियों और प्रश्नपत्र लीक के लिए असल कार्रवाई शिक्षा मंत्री के खिलाफ होनी चाहिए थी, न कि उस संगठन के खिलाफ जो इस गड़बड़ी के लिए जवाबदेही मांग रहा था। कॉकरोच जनता पार्टी पर पूरी तरह कार्रवाई की गई है—इंस्टाग्राम पेज हैक है, मेरा पर्सनल इंस्टाग्राम हैक है, ट्विटर अकाउंट रोक दिया गया है और बैकअप अकाउंट भी हटा दिया गया है। वर्तमान में हमारी किसी भी मंच तक पहुंच नहीं है, इसलिए इसके बाद की किसी भी पोस्ट को हमारा आधिकारिक बयान न माना जाए।”
करोड़ों फॉलोअर्स के साथ मीम की दुनिया में उभरा था संगठन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत पिछले सप्ताह भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से जुड़ी एक टिप्पणी के विवाद के बाद हुई थी।
बड़ी फैन फॉलोइंग: डिजिटल दुनिया में इस संगठन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बंद होने से पहले इसके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 2 करोड़ 19 लाख (21.9 Million) फॉलोअर्स जुड़ चुके थे।
मुद्दों पर आधारित व्यंग्य: यह संगठन देश में बेरोजगारी, सरकारी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर तीखे मीम्स (Memes) और राजनीतिक टिप्पणियों के माध्यम से सोशल मीडिया पर बेहद तेजी से लोकप्रिय हुआ।
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