कोलकाता: पश्चिम बंगाल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झाड़ग्राम जिले में नदियों के तटों से हुए करोड़ों रुपये के अवैध बालू खनन और तस्करी के मामले में बुधवार को आईएएस अधिकारी अंसार शेख से लंबी पूछताछ की। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले में कई करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच कर रही है।
पश्चिम बंगाल कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी अंसार शेख सुबह साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स (CGO Complex) में ईडी के क्षेत्रीय दफ्तर पहुंचे। केंद्रीय एजेंसी द्वारा उन्हें भेजा गया यह दूसरा समन था।
देश के सबसे युवा IAS: झाड़ग्राम तैनाती की हो रही जांच
अंसार शेख उस समय पूरे देश में सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने महज 21 साल की उम्र में अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। वह भारत के सबसे युवा आईएएस अधिकारियों में शुमार हैं और वर्तमान में मालदा जिले में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) के पद पर तैनात हैं।
हालांकि, ईडी की मौजूदा जांच उस समय अवधि पर केंद्रित है जब शेख झाड़ग्राम में एडीएम (प्रशासन) के रूप में तैनात थे।
नदियों से अवैध खनन: आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान झाड़ग्राम की सुवर्णरेखा, कांसबाती और दुलुंग नदियों के तटों से बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से बालू निकाला और बेचा गया।
राजस्व और पर्यावरण को नुकसान: विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लंबे समय से उठा रखा है। विपक्ष का आरोप है कि इस अनियंत्रित अवैध खनन से जहां एक ओर पर्यावरण को अपूरणीय क्षति पहुंची, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के खजाने को करोड़ों रुपये के राजस्व (Revenue) का चूना लगा।
ED खंगाल रही है प्रशासनिक फाइलें
जांचकर्ताओं को अंदेशा है कि प्रशासनिक अधिकारियों के एक बड़े वर्ग ने बिना वैध लाइसेंस के या पर्यावरण नियमों का जानबूझकर उल्लंघन करके हो रहे इस अवैध कारोबार पर आंखें मूंद ली थीं।
ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शेख से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि उस दौरान बालू खनन से जुड़ी फाइलों और निविदाओं (Tenders) की मंजूरी किस स्तर पर हुई, निगरानी की क्या व्यवस्था थी और क्या इसमें कोई प्रशासनिक लापरवाही या वित्तीय मिलीभगत शामिल थी।
जांच के दायरे में कई बड़े नाम; प्रमोटर पहले ही गिरफ्तार
बालू तस्करी का यह सिंडिकेट सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कई रसूखदार लोगों से जुड़े हैं:
पूर्व DM से पूछताछ: इससे पहले ईडी इस मामले में झाड़ग्राम के पूर्व जिला मजिस्ट्रेट (DM) सुनील अग्रवाल से भी लंबी पूछताछ कर चुकी है।
मुख्य प्रमोटर की गिरफ्तारी: पिछले साल नवंबर में केंद्रीय एजेंसी ने ‘जीडी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड’ के प्रमोटर अरुण सराफ को गिरफ्तार किया था। सराफ पर फर्जी ई-चालान (Fake e-Challan) तैयार कर बालू की चोरी करने, अवैध बिक्री और परिवहन साम्राज्य चलाने का गंभीर आरोप है। सराफ से मिली कड़ियों के आधार पर ही अब प्रशासनिक अधिकारियों पर शिकंजा कसा जा रहा है।

