ठाणे (महाराष्ट्र), 28 अप्रैल 2026
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। एक 31 वर्षीय युवक ने दो सुरक्षा गार्ड्स पर चाकुओं से जानलेवा हमला किया। इस घटना को महज आपसी विवाद नहीं, बल्कि एक सोची-समझी ‘लोन वुल्फ’ (Lone Wolf) आतंकी साजिश के रूप में देखा जा रहा है। महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) मामले की कड़ाई से जांच कर रहा है।
1. खौफनाक वारदात: क्या हुआ उस रात?
यह घटना सोमवार तड़के एक निर्माणाधीन इमारत में हुई:
- धर्म पर सवाल: आरोपी ने हमला करने से पहले दोनों सुरक्षा गार्ड्स से उनका धर्म पूछा।
- मजहबी कट्टरता: आरोप है कि उसने गार्ड्स को ‘कलमा’ पढ़ने के लिए मजबूर किया। जब उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो उसने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
- दहशत: हमले के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
2. आरोपी जैब जुबैर अंसारी की प्रोफाइल
- पहचान: गिरफ्तार आरोपी का नाम जैब जुबैर अंसारी है।
- बैकग्राउंड: पुलिस के अनुसार, आरोपी 2020 में अमेरिका से भारत लौटा था।
- मानसिक स्थिति: अधिकारियों का मानना है कि वह पूरी तरह से कट्टरपंथी (Radicalized) बन चुका है और “लोन वुल्फ” मोड में अकेले हमला करने की फिराक में था।
3. ATS की छापेमारी और चौंकाने वाले खुलासे
महाराष्ट्र एटीएस ने जब आरोपी के घर की तलाशी ली, तो कुछ बेहद आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई:
- ISIS का लिंक: घर से मिले संदिग्ध दस्तावेजों और पर्चों में खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) का जिक्र है।
- लोन वुल्फ अटैक नोट: बरामद नोटों में अकेले आतंकी हमला करने यानी ‘लोन वुल्फ’ अटैक की योजना और तरीके लिखे हुए थे।
- डिजिटल जांच: अब एजेंसियां उसके मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट्स और विदेश में उसके संपर्कों की गहनता से जांच कर रही हैं।
4. क्या होता है ‘लोन वुल्फ अटैक’?
आतंकवाद की भाषा में, जब कोई व्यक्ति किसी संगठन से सीधे निर्देश, फंडिंग या ट्रेनिंग लिए बिना, केवल उनकी विचारधारा से प्रेरित होकर अकेले हमला करता है, तो उसे ‘लोन वुल्फ’ हमला कहा जाता है। ऐसे हमलों को ट्रैक करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी कठिन होता है क्योंकि इसमें कोई बड़ा नेटवर्क शामिल नहीं होता।
5. राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने महाराष्ट्र की राजनीति में भी उबाल ला दिया है:
- नितेश राणे: भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे ने इसे ‘जिहादी’ मानसिकता करार देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- देवेंद्र फणडवीस: गृह मंत्री देवेंद्र फणडवीस ने भी इस पर चिंता जताते हुए कहा है कि कट्टरपंथ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

