कोलकाता, 27 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए सोमवार शाम प्रचार अभियान आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। 29 अप्रैल को होने वाले इस निर्णायक मतदान के लिए राज्य की 142 सीटों पर भाजपा और टीएमसी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। यह चुनाव भ्रष्टाचार, घुसपैठ, बेरोजगारी और सीएए (CAA) जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा।
1. भाजपा का प्रहार: घुसपैठ और ‘गुंडा राज’ पर निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने टीएमसी सरकार को घेरने के लिए कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को मुख्य हथियार बनाया:
- सुरक्षा और घुसपैठ: अमित शाह ने वादा किया कि भाजपा की सरकार बनने पर मवेशी तस्करी रोकने के लिए विशेष दस्ता बनाया जाएगा और घुसपैठ पर लगाम कसी जाएगी।
- चुनावी वादे: 4 मई के बाद ‘भाइपो कर’ (भतीजा टैक्स) खत्म करने, महिलाओं और बेरोजगारों के लिए 3,000 रुपये मासिक भत्ता और महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का वादा किया गया।
- सीएए और मतुआ समुदाय: पीएम मोदी ने मतुआ समुदाय को नागरिकता का स्थायी आश्वासन देते हुए ममता बनर्जी पर इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
2. टीएमसी का पलटवार: ‘विभाजनकारी राजनीति’ और अधिकारों की रक्षा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी ने स्थानीय भावनाओं और केंद्र की विफलता को मुद्दा बनाया:
- वोटर लिस्ट विवाद: ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से लाखों नाम हटने पर चिंता जताई और चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया।
- सांस्कृतिक हमला: उन्होंने भाजपा पर बंगाल की खान-पान संस्कृति (मछली और अंडे के सेवन) में हस्तक्षेप करने और राज्य को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
- बदले की राजनीति: अमित शाह के “उल्टा लटका देंगे” वाले बयान पर ममता ने इसे संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ बताया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
3. हाई-प्रोफाइल मुकाबले और प्रमुख चेहरे
इस चरण में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है:
- भवानीपुर: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला भाजपा के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी से है, जो इस चुनाव का सबसे बड़ा मुकाबला माना जा रहा है।
- कोलकाता पोर्ट: टीएमसी के फिरहाद हकीम का मुकाबला भाजपा के राकेश सिंह से है।
- बहरामपुर: दिग्गज कांग्रेसी नेता अधीर रंजन चौधरी 25 साल बाद विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
- अन्य महत्वपूर्ण सीटें: संदेशखाली, बैरकपुर, दमदम, जादवपुर और बालीगंज जैसी सीटों पर भी कड़ा मुकाबला है।
4. सुरक्षा और चुनाव आयोग के पुख्ता इंतजाम
दूसरे चरण के शांतिपूर्ण मतदान के लिए आयोग ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है:
- केंद्रीय बलों की तैनाती: 7 जिलों में 2,321 कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें अकेले कोलकाता में 273 कंपनियां सुरक्षा संभालेंगी।
- ड्रोन और वेबकास्टिंग: सभी 41,001 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग होगी और संवेदनशील इलाकों की निगरानी कैमरा लगे ड्रोन से की जाएगी।
- मतदाता संख्या: कुल 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता 29 अप्रैल को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: एक नज़र में
| विवरण | आंकड़े/तारीख |
|---|---|
| सीटें | 142 |
| मतदान की तारीख | 29 अप्रैल 2026 |
| नतीजे (Counting) | 4 मई 2026 |
| कुल मतदाता | 3,21,73,837 |
| सुरक्षा बल | 2,321 कंपनियां (CAPF) |

