दक्षिण 24 परगना/कोलकाता, 27 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से मात्र दो दिन पहले, दक्षिण 24 परगना जिले के भांगर इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में एक घर से करीब 100 कच्चे बम बरामद किए गए हैं, जिसके बाद चुनावी माहौल में तनाव और बढ़ गया है।
1. टीएमसी कार्यकर्ता के घर पर छापेमारी
पुलिस के अनुसार, यह बड़ी बरामदगी रफीकुल इस्लाम नामक व्यक्ति के घर से हुई है।
- आरोपी की पहचान: रफीकुल इस्लाम को कथित तौर पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का कार्यकर्ता बताया जा रहा है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा: मामले की गंभीरता और बड़ी साजिश की आशंका को देखते हुए, केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने इस केस की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। एनआईए अब इस बात की जांच करेगी कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटकों का स्रोत क्या था और इनका इस्तेमाल कहाँ किया जाना था।
2. चुनाव आयोग का ‘जीरो टॉलरेंस’ रुख
भांगर की इस घटना ने चुनाव आयोग (EC) को बेहद सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है:
- विशेष अभियान: आयोग ने राज्य पुलिस को अवैध बम बनाने वाली इकाइयों के खिलाफ तत्काल विशेष अभियान शुरू करने और गिरफ्तारियां करने का आदेश दिया है।
- पुलिस अधिकारियों को चेतावनी: कोलकाता पुलिस कमिश्नर से लेकर थाना स्तर के अधिकारियों (OC/IC) को स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि उनके क्षेत्र में विस्फोटक मिलते हैं या मतदाता डराए जाते हैं, तो उन पर कठोर विभागीय कार्रवाई होगी।
- एनआईए की भूमिका: आयोग ने साफ किया है कि अब राज्य में विस्फोटकों से जुड़े हर मामले की जांच एनआईए द्वारा की जाएगी।
3. दूसरे चरण के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम
23 अप्रैल को पहले चरण में हुई 93.19% की रिकॉर्ड वोटिंग के बाद, अब प्रशासन का पूरा ध्यान 29 अप्रैल के मतदान पर है:
- संवेदनशील क्षेत्र: भांगर जैसे इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और निगरानी बढ़ा दी गई है।
- अतिरिक्त पर्यवेक्षक: चुनाव आयोग ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए 11 अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षक भी तैनात किए हैं।

