मुंबई, 26 अप्रैल 2026
आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा द्वारा पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के फैसले ने महाराष्ट्र की राजधानी में भी सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। रविवार को मुंबई के खार इलाके में राघव चड्ढा के आवास के बाहर ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
1. खार में विरोध प्रदर्शन और पुलिसिया कार्रवाई
रविवार सुबह से ही ‘आप’ के कार्यकर्ता खार (पश्चिम) स्थित 16वें रोड पर राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा के आवास के बाहर जमा होने लगे थे:
- नारेबाजी: प्रदर्शनकारियों ने राघव चड्ढा को ‘गद्दार’ बताते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
- हिरासत: पुलिस ने स्थिति को देखते हुए पहले से ही भारी बल तैनात किया था। मुंबई ‘आप’ के कार्यकारी अध्यक्ष रूबेन मस्कारन्हास, सुमित्रा श्रीवास्तव और कई अन्य वालंटियर्स को पुलिस ने हिरासत में लेकर खार पुलिस स्टेशन पहुँचाया।
- विकल्प: मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पाबंदी के बाद कुछ कार्यकर्ता बांद्रा स्टेशन पर भी प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए।
2. ‘आप’ नेतृत्व के आरोप
पार्टी की मुंबई इकाई की अध्यक्ष प्रीति शर्मा मेनन ने मुंबई पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया:
“मुंबई पुलिस के पास राघव चड्ढा के घर की रखवाली करने के अलावा कोई काम नहीं है। हमारे कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने से रोका जा रहा है, जबकि भाजपा को हर जगह छूट दी जाती है।”
हिरासत में लिए गए रूबेन मस्कारन्हास ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें बिना किसी लिखित आदेश के घर से उठाया गया और पुलिस शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है।
3. बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम: ‘आप’ में बड़ी टूट
यह विरोध प्रदर्शन शुक्रवार (24 अप्रैल) को हुए उस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का नतीजा है, जिसने ‘आप’ को हिला कर रख दिया:
- सामूहिक इस्तीफा: राघव चड्ढा के नेतृत्व में कुल सात राज्यसभा सांसदों (जिनमें संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं) ने पार्टी छोड़ दी।
- भाजपा में विलय: राघव चड्ढा ने घोषणा की कि राज्यसभा में ‘आप’ के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय (Merge) करने का निर्णय लिया है, जो संवैधानिक प्रावधानों के तहत दलबदल कानून से बचने का एक रास्ता है।
- चड्ढा का बयान: उन्होंने खुद को “गलत पार्टी में सही आदमी” बताते हुए कहा कि ‘आप’ अपने सिद्धांतों से भटक गई है।

