नई दिल्ली/गौहाटी, 26 अप्रैल 2026
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने अपनी संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए रविवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। यह कदम गौहाटी हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail) खारिज किए जाने के दो दिन बाद उठाया गया है।
1. सुप्रीम कोर्ट में याचिका की स्थिति
- स्पेशल लीव पिटीशन (SLP): खेड़ा ने रविवार शाम करीब 6:26 बजे शीर्ष अदालत में एक विशेष अनुमति याचिका दायर की।
- रजिस्ट्रेशन: इसे डायरी नंबर 25523/2026 के तहत रजिस्टर किया गया है।
- वर्तमान स्थिति: याचिका फिलहाल ‘पेंडिंग’ (Pending) के तौर पर लिस्टेड है, और संभावना है कि सोमवार को वरिष्ठ वकीलों के माध्यम से इस पर ‘अर्जेंट हियरिंग’ (Urgent Hearing) की मांग की जाएगी।
2. गौहाटी हाईकोर्ट का सख्त रुख
24 अप्रैल को जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की एकल पीठ ने पवन खेड़ा की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि:
- गंभीर धाराएं: यह केवल मानहानि (Defamation) का मामला नहीं है। कोर्ट ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 339 (जालसाजी/Forgery से संबंधित) के तहत पहली नजर में सबूत मौजूद हैं।
- विशेषाधिकार नहीं: अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी इस स्तर पर गिरफ्तारी से पहले जमानत पाने के हकदार नहीं हैं।
3. क्या है पूरा विवाद? (प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर FIR तक)
यह कानूनी लड़ाई असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई FIR से शुरू हुई:
- खेड़ा के आरोप: पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं।
- पुलिस की कार्रवाई: इन आरोपों को जालसाजी और मानहानि बताते हुए असम पुलिस ने केस दर्ज किया। हाल ही में दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर छापेमारी भी की गई थी, हालांकि उस समय खेड़ा तेलंगाना में थे।
4. कानूनी यात्रा: तेलंगाना से सुप्रीम कोर्ट तक
पवन खेड़ा की कानूनी लड़ाई कई राज्यों के उच्च न्यायालयों से होकर गुजरी है:
- तेलंगाना हाईकोर्ट: सबसे पहले राहत के लिए खेड़ा यहां पहुंचे, जहां कोर्ट ने उन्हें संबंधित अदालत (असम) में जाने का निर्देश दिया।
- असम पुलिस की अपील: असम पुलिस ने तेलंगाना की राहत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिसके बाद शीर्ष अदालत ने अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी।
- गौहाटी हाईकोर्ट: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर खेड़ा गौहाटी पहुंचे, लेकिन वहां उनकी याचिका खारिज कर दी गई।
- वर्तमान स्थिति: अब अंतिम उम्मीद के तौर पर मामला फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।

