पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने भारतीय राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला दिया है। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया है, जबकि 15 साल से सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस (TMC) मात्र 80 सीटों पर सिमट गई है। फाल्टा सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान होना है।
ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इनकार और ‘विलेन’ चुनाव आयोग हार के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने साफ किया कि वे इस्तीफा नहीं देंगी। ममता बनर्जी के संबोधन के मुख्य बिंदु:
- चुनाव आयोग पर आरोप: ममता ने चुनाव आयोग को ‘मुख्य विलेन’ और ‘भाजपा का एजेंट’ करार दिया।
- वोटों की लूट: उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने 100 से ज्यादा सीटों पर लूट और धोखाधड़ी की है।
- संस्थानों का दुरुपयोग: उन्होंने सीआरपीएफ को ‘केंद्र की गुंडा वाहिनी’ कहा और प्रधानमंत्री मोदी व अमित शाह पर चुनाव को हैक करने का आरोप लगाया।
- सड़कों पर वापसी: उन्होंने कहा, “हम हारे नहीं हैं, यह एक साजिश है। मैं अब अत्याचार बर्दाश्त नहीं करूंगी और सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ूंगी।”
विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया: राहुल, केजरीवाल और अखिलेश ममता बनर्जी की हार और उनके आरोपों पर ‘इंडिया ब्लॉक’ के नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं:
- राहुल गांधी: उन्होंने ममता की बात से सहमति जताते हुए कहा कि यह जनादेश की लूट है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह सिर्फ एक पार्टी की हार नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र को खत्म करने की भाजपा की योजना का हिस्सा है।
- अरविंद केजरीवाल: उन्होंने पीएम मोदी की लोकप्रियता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब देश में मोदी की लहर कम हो रही है, तब भाजपा दिल्ली और बंगाल जैसे राज्य कैसे जीत रही है?
- अखिलेश यादव: सपा नेता ने तंज कसते हुए कहा कि जहां परिणाम ‘मनमर्जी’ से निकला है, वहां मुख्यमंत्री भी ‘मनमर्जी’ (पर्ची सिस्टम) से बनेगा। उन्होंने भाजपा को सलाह दी कि महिला आरक्षण के संदर्भ में किसी महिला को ही मुख्यमंत्री बनाना चाहिए।
असदुद्दीन ओवैसी का कड़ा प्रहार एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने ममता बनर्जी और अन्य ‘धर्मनिरपेक्ष’ दलों की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा:
- तथाकथित सेक्युलर पार्टियां भाजपा को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही हैं।
- ममता बनर्जी और केजरीवाल ने ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की राजनीति की, जिसका नतीजा उनकी सत्ता जाने के रूप में सामने आया है।
- मुसलमानों को अब इन पार्टियों के भरोसे रहने के बजाय अपना स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व बनाना चाहिए।
राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस हार से राष्ट्रीय स्तर पर ममता बनर्जी का कद प्रभावित होगा। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ के लिए यह एक बड़ा झटका है क्योंकि ममता इसकी एक प्रमुख धुरी थीं। दूसरी ओर, दिल्ली के बाद बिहार में सम्राट चौधरी का सीएम बनना और अब बंगाल में भाजपा की यह बंपर जीत, केंद्र में भाजपा की पकड़ को और मजबूत दर्शाती है।
शुभेंदु अधिकारी का बढ़ता कद अब सबकी नजर इस बात पर है कि भाजपा किसे मुख्यमंत्री बनाएगी। नंदीग्राम और भवानीपुर में अपनी ताकत दिखाने वाले शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं, हालांकि भाजपा की ‘पर्ची’ संस्कृति किसी नए चेहरे को भी सामने ला सकती है।
विधानसभा चुनाव 2026 के अंतिम आंकड़े (293/294 सीटें):
- भाजपा: 207
- टीएमसी+: 80
- लेफ्ट+: 02
- कांग्रेस: 02
- अन्य: 02

