नई दिल्ली, 5 मई 2026
न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने और लंबित मामलों के बोझ को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस फैसले के तहत सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन कर जजों की कुल संख्या बढ़ाई जाएगी।
1. जजों की संख्या में कितनी होगी बढ़ोतरी?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि:
- वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 (मुख्य न्यायाधीश सहित) है।
- कैबिनेट ने इस संख्या में 4 जजों की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।
- संसद के आगामी सत्र में ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया जाएगा।
- विधेयक पारित होने के बाद, सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित कुल 38 जज हो जाएंगे।
2. क्यों लिया गया यह निर्णय?
सरकार का यह कदम न्यायिक प्रणाली को अधिक कुशल बनाने के लिए उठाया गया है:
- लंबित मामले: सुप्रीम कोर्ट में बढ़ते केसों के बोझ और लंबित अपीलों के त्वरित निपटारे के लिए अतिरिक्त जजों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
- संविधान पीठ: अधिक जजों की उपलब्धता से ‘संविधान पीठों’ का गठन आसानी से हो सकेगा, जिससे महत्वपूर्ण संवैधानिक मामलों की सुनवाई में देरी नहीं होगी।
- अवकाश और सेवानिवृत्ति: इस साल कई जजों की सेवानिवृत्ति होने वाली है, ऐसे में नई नियुक्तियां बेंच की क्षमता बनाए रखने में मदद करेंगी।
3. जजों की संख्या का विकासक्रम
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत संसद को जजों की संख्या निर्धारित करने का अधिकार है।
| वर्ष | जजों की संख्या (CJI को छोड़कर) | कुल संख्या (CJI सहित) |
|---|---|---|
| 1956 | 10 | 11 |
| 1986 | 25 | 26 |
| 2009 | 30 | 31 |
| 2019 | 33 | 34 |
| 2026 (प्रस्तावित) | 37 | 38 |
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4. अन्य महत्वपूर्ण कैबिनेट फैसले (5 मई 2026)
जजों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ कैबिनेट ने कुछ अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स को भी हरी झंडी दिखाई है:
- कपास क्रांति (Kapas Kanti): कपास की उत्पादकता बढ़ाने के लिए ₹5,600 करोड़ के मिशन को मंजूरी।
- सेमीकंडक्टर इकाइयां: गुजरात में दो नई सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों की स्थापना का रास्ता साफ हुआ।
- गन्ना किसानों को राहत: गन्ने के लिए ₹365 प्रति क्विंटल के उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) को मंजूरी दी गई।

