तिरुवनंतपुरम: केरल में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है। केरल के राजस्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एपी अनिल कुमार ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर तीखा हमला बोला।
अनिल कुमार ने कहा कि ईडी की इस बड़ी कार्रवाई के बाद विजयन को केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों से कड़े सवाल करने चाहिए थे, लेकिन इसके उलट उन्होंने अपनी खीझ मिटाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
क्या था विजयन का ‘राहुल गांधी’ पर बयान?
दरअसल, बुधवार को जब ईडी की टीम सात घंटे की मैराथन तलाशी पूरी कर विजयन के आवास से बाहर निकली, तब पूर्व मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने एक विवादास्पद टिप्पणी की थी। विजयन ने कहा था, “अब राहुल गांधी खुश होंगे।”
विजयन का यह तंज राहुल गांधी द्वारा पूर्व में दिए गए उन बयानों के संदर्भ में था, जिसमें उन्होंने लगातार सवाल उठाए थे कि सीएमआरएल-एक्सालॉजिक वित्तीय लेनदेन मामले में तमाम सबूतों के बावजूद केंद्रीय जांच एजेंसियां केरल के मुख्यमंत्री (अब पूर्व मुख्यमंत्री) के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं कर रही हैं।
“पीएम मोदी के खिलाफ बोलने में क्यों कांपते हैं विजयन?”
विजयन के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए राजस्व मंत्री एपी अनिल कुमार ने उनकी मंशा और केंद्र सरकार के साथ उनके कथित गुप्त समझौतों पर सवाल दागे:
अनिल कुमार का तीखा हमला:
“केंद्रीय एजेंसियों ने उनके और उनके पूरे परिवार के खिलाफ इतनी बड़ी छापेमारी की। उनके घर के कोने-कोने को खंगाला गया। इसके बावजूद विजयन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ पूरी तरह चुप क्यों रहे? राहुल गांधी को कोसते हुए पिनाराई विजयन के मुंह से पीएम मोदी के खिलाफ एक शब्द भी क्यों नहीं फूटा? उन्होंने हमेशा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति एक विशेष प्रकार का भय (डर) दिखाया है, और बुधवार को यह डर एक बार फिर पूरे देश के सामने बेनकाब हो गया।”
मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के रूप में अपने लगभग एक दशक लंबे कार्यकाल के दौरान, विजयन ने केरल में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तो हमेशा हिंसक हमले किए, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का सीधे तौर पर सामना करने से वे लगातार बचते रहे।
ED टीम पर हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था की हाई-लेवल समीक्षा
यह राजनीतिक घमासान उस समय और गंभीर हो गया, जब विजयन की बेटी टी. वीना से जुड़े विवादास्पद सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले से संबंधित तलाशी अभियान चलाने के बाद विजयन के आवास से निकलते समय सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं द्वारा ईडी अधिकारियों और सीआरपीएफ कर्मियों पर हमला करने के आरोपों के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया था।
इस सुरक्षा चूक को लेकर गुरुवार को केरल पुलिस महकमे में भारी हलचल रही:
- बंद कमरे में बैठक: राज्य पुलिस प्रमुख (DGP) रावड़ा चंद्रशेखर ने राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला और दो अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक बंद कमरे में आपातकालीन समीक्षा बैठक की।
- पुलिसकर्मियों पर गिरेगी गाज: बैठक के बाद डीजीपी ने स्पष्ट किया कि हिंसा के दौरान विजयन के आवास के बाहर तैनात स्थानीय पुलिसकर्मियों की ओर से यदि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही (Lapse) पाई गई, तो उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- अब तक 8 उपद्रवी गिरफ्तार: डीजीपी ने बताया, “ईडी की छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत इलाके में 300 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इसके बावजूद हुई हिंसा और पथराव के सिलसिले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वीडियो फुटेज के आधार पर बाकी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।”
केंद्र से रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण:
पुलिस प्रमुख ने मीडिया के सामने यह भी साफ किया कि इस हिंसक झड़प में भले ही ईडी के अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षा बल (CRPF) के जवान घायल हुए हों, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक इस घटना को लेकर केरल पुलिस या राज्य प्रशासन से अलग से कोई रिपोर्ट नहीं मांगी है।

