तिरुवनंतपुरम: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार (8 जुलाई 2026) को केरल के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश के मद्देनजर बेहद सख्त चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने राज्य के तीन प्रमुख जिलों के लिए रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया है, जिसके तहत इन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन (Landslides) का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
1. इन 3 जिलों में ‘रेड अलर्ट’ का क्या है मतलब?
मौसम विभाग ने मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
- बारिश का पैमाना: रेड अलर्ट का तकनीकी व विधिक मतलब यह है कि इन जिलों में 24 घंटे के भीतर 20.4 सेंटीमीटर से भी ज्यादा अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है।
- प्रशासनिक तैयारी: इस अलर्ट के बाद स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को पूरी तरह हाई अलर्ट पर रहने के विधिक निर्देश दिए गए हैं।
2. अन्य जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट का भौगोलिक वर्गीकरण
केरल के विभिन्न हिस्सों में बारिश की तीव्रता के आधार पर मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट की स्थिति नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट की गई है:
| अलर्ट का प्रकार | अनुमानित बारिश की मात्रा | प्रभावित जिले (बुधवार) |
|---|---|---|
| ऑरेंज अलर्ट | 11.5 से 20.4 सेंटीमीटर (बहुत भारी बारिश) | इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, कन्नूर और कासरगोड। |
| यलो अलर्ट | 6.5 से 11.5 सेंटीमीटर (भारी बारिश) | पथानमथिट्टा, अलप्पुझा और कोट्टयम। |
3. गुरुवार (9 जुलाई) के लिए भी यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार, राहत की उम्मीद अभी कम है। गुरुवार के लिए भी मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी और तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने और नदियों व जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त प्रशासनिक हिदायत दी गई है।

