बेंगलुरु/नई दिल्ली: देश की आंतरिक सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु (येलहंका) में स्थित राष्ट्रीय सुरक्षा ग्रिड यानी ‘नैटग्रिड’ (NATGRID) परिसर की सुरक्षा का जिम्मा अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंप दिया गया है। अर्धसैनिक बल के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने रविवार (31 मई 2026) को इस फैसले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नैटग्रिड के इस बेहद संवेदनशील डेटा केंद्र की चौबीसों घंटे सशस्त्र सुरक्षा के लिए कुल 76 पदों (जवानों की टुकड़ी) को अपनी मंजूरी दे दी है।
क्या है नैटग्रिड (NATGRID) और क्यों है यह महत्वपूर्ण?
नैटग्रिड भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा ताने-बाने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अत्याधुनिक तकनीकी ढांचा है। यह मुख्य रूप से आतंकवाद विरोधी अभियानों (Anti-Terror Operations) में सुरक्षा एजेंसियों की सहायता के लिए काम करता है। नैटग्रिड देश की विभिन्न खुफिया, अप्रत्यक्ष कर और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के डेटाबेस से संदिग्धों की रियल-टाइम जानकारी और डेटा इकट्ठा करता है। बेंगलुरु स्थित इस परिसर को किसी भी संभावित आतंकवादी हमले, जासूसी या किसी भी तरह की भौतिक तोड़फोड़ से बचाने के लिए सीआईएसएफ के कमांडो तैनात किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि नई दिल्ली में स्थित नैटग्रिड का मुख्य मुख्यालय पहले से ही सीआईएसएफ के कड़े सुरक्षा घेरे में है।
संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों को सुरक्षा दे रहा है CISF
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाला सीआईएसएफ (CISF) देश के सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के अत्यधिक संवेदनशील व महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को पेशेवर सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए जाना जाता है। नैटग्रिड से ठीक एक हफ्ते पहले ही, सीआईएसएफ ने नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित विदेश मंत्रालय के मुख्यालय ‘सुषमा स्वराज भवन’ की सुरक्षा की कमान भी संभाली थी, जहाँ बल के 90 कुशल जवानों को तैनात किया गया है।
सुषमा स्वराज भवन, जिसे पहले ‘प्रवासी भारतीय केंद्र’ के नाम से जाना जाता था, विदेश मंत्रालय का एक प्रमुख सांस्कृतिक और कूटनीतिक केंद्र है। अब इसी तर्ज पर बेंगलुरु के नैटग्रिड केंद्र को भी पूरी तरह से सुरक्षित और अचूक सुरक्षा घेरा प्रदान कर दिया गया है ताकि देश का खुफिया डेटाबेस पूरी तरह सुरक्षित रहे।

