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Tuesday, June 2, 2026

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फर्जी सिग्नेचर विवाद में फंसे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची CID; पूछताछ के लिए नहीं हुए पेश, भाजपा बोली- ‘कब तक बचेंगे?’

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सियासत में सोमवार (1 जून 2026) को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब राज्य पुलिस के अपराध जांच विभाग (CID) की एक विशेष टीम तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड स्थित निजी आवास पर जा पहुंची। यह पूरा मामला टीएमसी के ही कुछ विधायकों के प्रस्ताव पत्र पर किए गए कथित फर्जी हस्ताक्षरों (जाली सिग्नेचर) की जांच से जुड़ा हुआ है।

बीमारी का हवाला देकर मांगी 15 दिन की मोहलत, सीआईडी ने थमाया दूसरा नोटिस

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को सोमवार दोपहर 12 बजे इस मामले में पूछताछ के लिए भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में हाजिर होना था। हालांकि, वे तय समय पर जांच अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए।

इसके बजाय, उन्होंने सीआईडी को एक आधिकारिक ईमेल भेजकर 15 दिनों का अतिरिक्त समय देने की मांग की। उन्होंने अपने ईमेल में दलील दी कि 30 मई को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में उन पर हुए कथित हमले के बाद उनकी शारीरिक स्थिति (तबीयत) ठीक नहीं है। इस बहाने के बाद सीआईडी के आला अधिकारी सोमवार शाम को दूसरा नोटिस (समन) तामील कराने सीधे उनके घर पहुंच गए, जिसके तहत अब अभिषेक बनर्जी को 8 जून को दोपहर 12 बजे सीआईडी कार्यालय में अनिवार्य रूप से पेश होने का कड़ा निर्देश दिया गया है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खोला मामले का राज: क्या है पूरा विवाद?

इस पूरे घटनाक्रम पर सोमवार दोपहर को सूबे के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह आपराधिक जांच तब शुरू हुई, जब टीएमसी के दो मौजूदा विधायकों— ऋतब्रत बंद्योपाध्याय और संदीपन साहा ने विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) रतींद्र बोस के कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई।

विधायकों का आरोप है कि विपक्ष के नेता के रूप में शोवनदेब चट्टोपाध्याय की नियुक्ति के लिए जो पार्टी प्रस्ताव पारित किया गया था, उसमें उनके जाली और फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए हैं। विधायकों ने साफ किया कि विपक्ष के नेता, दो उपनेताओं और मुख्य सचेतक के नामों के चयन वाले इस सरकारी दस्तावेज में गंभीर जालसाजी हुई है।

घर के बाहर खड़ी रही सीआईडी; सुकांत मजूमदार का तीखा हमला

दिलचस्प बात यह रही कि जब सीआईडी की टीम नोटिस देने कालीघाट रोड पहुंची, तो आवास का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था और निजी सुरक्षाकर्मियों ने सीआईडी टीम को गेट के बाहर ही रोक दिया। सुरक्षाकर्मियों का कहना था कि दरवाजा तभी खुलेगा जब अंदर से अभिषेक बनर्जी खुद इसकी इजाजत देंगे।

इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे पर तीखा तंज कसते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, “मैंने पहले ही देश के सामने इस स्क्रिप्टेड ड्रामा की आशंका जताई थी। जब टीएमसी के ही कुछ लोग अभिषेक बनर्जी पर कथित हमला करते पकड़े गए, तभी शक गहरा गया था। आज उन्होंने समन से भागने के लिए बीमारी का बहाना बनाया है, लेकिन कानून से वे कब तक बच सकते हैं? आखिरकार उन्हें सच उगलने के लिए पेश होना ही पड़ेगा।”

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