कोलकाता, 4 मई 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक दिशा पूरी तरह बदल दी है। 15 साल के तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासन को उखाड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया है। इस हार से बौखलाई मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में चुनाव आयोग (EC) और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
1. चुनाव परिणाम: एक नजर में (ताजा रुझान/नतीजे)
294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने बहुमत के जादुई आंकड़े (148) को पार कर लिया है।
- भाजपा (BJP): 204 सीटें (लगभग)
- तृणमूल कांग्रेस (TMC): 83 सीटें (लगभग)
- अन्य: कांग्रेस (2), वामदल (1), एआईएसएफ (1)
2. ममता बनर्जी के तीखे हमले: “यह जीत नहीं, लूट है”
नतीजों में पिछड़ने के बाद ममता बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए इस जनादेश को ‘अनैतिक’ करार दिया:
- आयोग पर निशाना: उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग अब भाजपा का ‘कमीशन’ बन गया है। मैंने कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।”
- अवैध जीत का दावा: ममता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने मिलकर चुनाव लूटा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने 100 से ज्यादा सीटें “लूटी” हैं।
- कार्यकर्ताओं को संदेश: हार के बावजूद उन्होंने आक्रामक अंदाज में कहा कि वे डरने वाली नहीं हैं और जल्द ही जोरदार वापसी (Bounce Back) करेंगी।
3. टीएमसी की हार के 3 बड़े कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, ममता बनर्जी के 15 साल के ‘द्रविड़ किले’ के ढहने के पीछे प्रमुख कारण ये रहे:
- एंटी-इंकंबेंसी: लंबे समय तक सत्ता में रहने के कारण भ्रष्टाचार के आरोपों और स्थानीय नेताओं के प्रति जनता में भारी नाराजगी थी।
- ध्रुवीकरण: भाजपा ने तुष्टिकरण के खिलाफ हिंदू मतों का जो एकीकरण (Consolidation) किया, उसने टीएमसी के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाई।
- आंतरिक कलह: अभिषेक बनर्जी की चेतावनियों के बावजूद पार्टी के भीतर गुटबाजी और पुराने सहयोगियों का साथ छोड़ना भारी पड़ा।
4. हाई-प्रोफाइल सीटों का हाल
- भवानीपुर: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी सीट बचाने में सफल रहीं और बढ़त बनाए हुए हैं।
- नंदीग्राम: सुवेंदु अधिकारी और ममता बनर्जी के बीच कड़ी टक्कर के बाद भाजपा यहां मजबूत स्थिति में दिखी।

