32 C
Mumbai
Sunday, June 7, 2026

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

केरल बनेगा देश का प्रमुख समुद्री प्रवेश द्वार: मुख्यमंत्री का बड़ा विज़न; 50% माल ढुलाई को सड़क से समुद्री मार्गों पर शिफ्ट करने का लक्ष्य

तिरुवनंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री ने राज्य के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी विज़न पेश किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल में ब्लू इकोनॉमी (Blue Economy – नीली अर्थव्यवस्था) के क्षेत्र में असीमित और अभूतपूर्व संभावनाएं मौजूद हैं, जो इसे भारत का सबसे प्रमुख समुद्री प्रवेश द्वार (Maritime Gateway) बनाने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ब्लू इकोनॉमी का मुख्य उद्देश्य समुद्री और तटीय संसाधनों के सतत व निरंतर इस्तेमाल को बढ़ावा देना है, जिससे आर्थिक विकास, नए रोजगार और समुद्री पर्यावरण संरक्षण के बीच एक आदर्श संतुलन बनाया जा सके।

तीन चरणों में बदलेगी केरल की तस्वीर; दुबई मॉडल का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने राज्य को एक प्रमुख बंदरगाह-आधारित अर्थव्यवस्था (Port-Driven Economy) में बदलने के लिए सरकार के रणनीतिक दृष्टिकोण को साझा किया। उन्होंने इसके विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण चरणों (Phases) की रूपरेखा प्रस्तुत की:

  1. पहला चरण (माल ढुलाई का स्थानांतरण): वर्तमान में सड़कों के माध्यम से होने वाले कुल माल परिवहन (Logistics) के कम से कम 50 प्रतिशत (50%) हिस्से को अंततः सुरक्षित और सस्ते समुद्री व अंतर्देशीय जलमार्गों पर स्थानांतरित (शिफ्ट) किया जाएगा।
  2. दूसरा चरण (क्रूज शिपिंग): राज्य के तटीय क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रूज शिपिंग और लक्जरी समुद्री यात्राओं को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  3. तीसरा चरण (एकीकृत पर्यटन): केरल की प्रसिद्ध और समृद्ध नदी प्रणाली (बैकवाटर्स) के साथ एकीकृत पर्यटन परियोजनाओं (Integrated Tourism Projects) को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने वैश्विक आर्थिक महाशक्ति दुबई (Dubai) का ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए बताया कि वहां के कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 28 प्रतिशत (28%) हिस्सा अकेले बंदरगाह और समुद्री व्यापार क्षेत्र से आता है। इसी तर्ज पर केरल की लंबी तटरेखा और समृद्ध समुद्री संसाधन राज्य में लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा कर आर्थिक उन्नति का नया अध्याय लिख सकते हैं।

विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय सीपोर्ट बनेगा दक्षिण एशिया का मॉडल

राज्य के बुनियादी ढांचे की ताकत को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय सीपोर्ट (Vizhinjam International Seaport) का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विझिंजम में स्थित गहरे पानी का यह अंतर्राष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह दुनिया के सबसे विशाल और बड़े जहाजों (मदर शिप्स) को आसानी से संभालने में पूरी तरह सक्षम है। यह बंदरगाह आने वाले समय में पूरे दक्षिण एशिया (South Asia) के भीतर टिकाऊ और सतत बंदरगाह विकास के लिए एक मार्गदर्शक मॉडल साबित होगा।

समुद्री प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियां

सतत समुद्री शासन और जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महासागर न केवल लाखों लोगों की आजीविका बनाए रखते हैं, बल्कि वैश्विक जलवायु को विनियमित करने और दुनिया के 80% से अधिक व्यापार को सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हालांकि, उन्होंने इस क्षेत्र को प्रभावित करने वाली गंभीर वैश्विक चुनौतियों के प्रति भी सचेत किया। उन्होंने कहा कि समुद्री प्रदूषण, तीव्र जलवायु परिवर्तन, तटीय क्षरण (Coastal Erosion) और प्लास्टिक कचरे का बढ़ता संचय जैसी विकट समस्याएं हमारे समुद्री पारिस्थितिक तंत्र (Marine Ecosystem) के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं, जिन पर तुरंत कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

ग्रीन पोर्ट्स और ‘विश्व महासागर दिवस’ का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक पटल पर ब्लू इकोनॉमी आर्थिक विकास का सबसे नया और मजबूत चालक बनकर उभरी है। केरल इस अवसर का लाभ उठाने के लिए हरित बंदरगाहों (Green Ports), स्मार्ट शिपिंग, अपतटीय नवीकरणीय ऊर्जा (Offshore Renewable Energy), समुद्री जैव प्रौद्योगिकी (Marine Biotechnology) और ब्लू कार्बन पहलों पर तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने ‘विश्व महासागर दिवस’ (World Oceans Day) के महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि महासागरों की रक्षा करना न केवल हमारी एक पर्यावरणीय जिम्मेदारी है, बल्कि यह पूरी मानवता के सुरक्षित भविष्य और सतत विकास में किया गया एक सर्वोत्तम निवेश है।

ये भी पढ़ेंकानून-का-हतौडा/जाने-क्या-कहता-है-कानून

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here