जंतर-मंतर आंदोलन के बाद गृह नगर लौटे CJP संस्थापक का सरकार पर तीखा हमला; कहा- ‘छात्रों को परेशान किया तो फिर होगा बड़ा प्रदर्शन’
छत्रपति संभाजीनगर: नीट (NEET) पेपर लीक मामले के खिलाफ नई दिल्ली में करीब 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन का नेतृत्व करने के बाद अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के छात्रों की बड़ी जीत करार दिया।
गृह नगर पहुंचने पर डॉ. बी.आर. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए दीपके ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पेलेट गन का इस्तेमाल किए जाने के आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
‘छात्र आतंकवादी नहीं, देश का भविष्य हैं’
अभिजीत दीपके ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा:
- कार्रवाई की मांग: 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पेलेट गन का इस्तेमाल करने का आदेश देने वाले अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। छात्र कोई आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि देश का भविष्य हैं।
- पुलिस की धमकी का आरोप: आंदोलन खत्म होने के बाद भी कई राज्यों में पुलिस छात्र कार्यकर्ताओं के घर पहुंचकर उन्हें गिरफ्तारी की धमकी दे रही है, जो बिल्कुल अनुचित है।
- सरकार बदलने तक के आंदोलन की चेतावनी: यदि छात्रों को इसी तरह प्रताड़ित किया गया, तो वे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सरकार बदलने तक के लिए इससे भी बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।
नए कानून, फास्ट ट्रैक कोर्ट और प्रधानमंत्री पर कसा तंज
- कानून के कार्यान्वयन पर सवाल: सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि केवल सख्त कानून बनाने से कुछ नहीं होगा, जब तक उन्हें लागू करने वाली एजेंसियां ईमानदारी से काम नहीं करेंगी।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थिति: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों के निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का भरोसा दिया था, लेकिन पहले ही मामले की सुनवाई सीबीआई के वकील के अनुपस्थित रहने के कारण टल गई।
- पीएम पर टिप्पणी: दीपके ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री से देश का शासन नहीं संभल रहा है, तो उन्हें पद छोड़कर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बन जाना चाहिए, क्योंकि यह काम वे बेहतर तरीके से करते हैं।
लगभग 40 दिनों के प्रवास और दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों के अनवरत प्रदर्शन के बाद वालुज एमआईडीसी स्थित अपने निवास पहुंचे दीपके का कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं आती, तब तक छात्रों का यह संघर्ष जारी रहेगा।

