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Friday, June 12, 2026

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TCS कर्मचारी सुसाइड मामला: प्रताड़ना और अपमान के आरोप में दो महिला कर्मियों सहित 3 पर केस दर्ज; सुसाइड नोट में खुली पोल

पुणे/पिंपरी-चिंचवड़: सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के एक वरिष्ठ कर्मचारी द्वारा कथित तौर पर खुदकुशी किए जाने के मामले में महाराष्ट्र की पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने मृतक कर्मचारी को आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) के संगीन आरोप में कंपनी के दो मौजूदा कर्मचारियों सहित कुल तीन लोगों के खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार (12 जून 2026) को इस कानूनी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी दी। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल मामले में अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

दूसरी तरफ, टीसीएस (TCS) प्रबंधन ने भी इस दुखद घटना पर अपना आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनी ने कहा है कि उसने अपने आंतरिक कर्मचारियों के खिलाफ लगाए गए प्रताड़ना के इन गंभीर आरोपों को पूरी तरह संज्ञान (Cognizance) में लिया है और आंतरिक स्तर पर मामले के सभी तकनीकी व प्रशासनिक तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।

बेटे की शिकायत पर भोसरी थाने में दर्ज हुई एफआईआर

स्थानीय पुलिस प्रशासन के अनुसार, यह पूरा मामला मृतक आईटी कर्मचारी के बेटे द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के आधार पर पड़ोसी औद्योगिक शहर पिंपरी-चिंचवड़ के भोसरी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।

प्राप्त विवरण के मुताबिक, टीसीएस के हिंजवाड़ी (Hinjawadi IT Park) स्थित कार्यालय में कार्यरत 48 वर्षीय अमित ब्रह्मे ने भोसरी स्थित अपने निजी आवास में कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम को मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था, जिसने कंपनी के भीतर चल रहे तनावपूर्ण कार्यक्षेत्र के माहौल को उजागर कर दिया।

सुसाइड नोट में दोस्त और महिला सहकर्मियों पर गंभीर आरोप

अमित ब्रह्मे द्वारा छोड़े गए कथित सुसाइड नोट में कई चौंकाने वाले और परेशान करने वाले खुलासे हुए हैं, जिन्हें आधार बनाकर पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई है:

  • ईमेल के जरिए बदनामी का आरोप: सुसाइड नोट में मृतक ने अपने एक तथाकथित दोस्त विनोद पालिचा का विशेष रूप से नाम लिखा था। नोट में सीधा आरोप लगाया गया था कि विनोद ने जानबूझकर टीसीएस कंपनी के उच्च अधिकारियों को अमित के बारे में झूठे, भ्रामक और बदनाम करने वाले कई ईमेल भेजे थे, जिससे उनकी पेशेवर छवि को गहरा धक्का लगा।
  • सहकर्मियों के सामने सार्वजनिक अपमान: सुसाइड नोट में कंपनी की दो महिला सहकर्मियों अर्चना और शश्वती के नामों का भी साफ तौर पर उल्लेख किया गया था। अमित ने आरोप लगाया था कि इन दोनों महिलाओं ने वर्कप्लेस पर कई बार अन्य साथी कर्मचारियों के सामने उनका घोर अपमान किया और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
  • करियर को नुकसान पहुंचाना और धमकी: नोट में यह भी लिखा था कि अमित को उनकी वरिष्ठता और विशेषज्ञता के अनुसार काम के अच्छे अवसर नहीं दिए जा रहे थे, बल्कि जानबूझकर उनके कोर क्षेत्र (Expertise) से पूरी तरह अलग और कठिन प्रोजेक्ट सौंपे जा रहे थे। इसके अलावा, दोनों महिलाओं ने उनके काम के प्रदर्शन (Performance) को लेकर उन्हें बार-बार तीखी फटकार लगाई, सबके सामने नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया और भविष्य में उनका करियर बर्बाद करने के लिए ‘खराब फीडबैक’ देने की सीधी धमकी भी दी।

भोसरी थाना पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट को हैंडराइटिंग और फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। पुलिस टीम टीसीएस के हिंजवाड़ी दफ्तर के अन्य कर्मचारियों और प्रबंधन के लोगों से भी पूछताछ कर रही है ताकि कार्यस्थल पर हुए इस मानसिक उत्पीड़न के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

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